उत्तराखण्ड

WildlifeAlert – ऋषिकेश में आरती स्थल पर सांप दिखा, टिहरी में भालू पर कार्रवाई

WildlifeAlert – ऋषिकेश के आवास विकास क्षेत्र में गंगा किनारे स्थित एक आरती स्थल पर अचानक एक बड़े सांप के दिखने से लोगों में हड़कंप मच गया। शाम के समय जब लोग आरती में शामिल थे, तभी करीब सात फीट लंबा सांप दिखाई दिया। मौके पर मौजूद लोगों में डर और जिज्ञासा दोनों का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सावधानीपूर्वक सांप को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर ले गई।

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दुर्लभ प्रजाति का सांप, लेकिन नहीं था विषैला

वन विभाग के रेंजर जीएस धमन्दा ने बताया कि यह सांप कॉपरहेड प्रजाति का है, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘वन सुंदरी’ भी कहा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सांप जहरीला नहीं होता, हालांकि इसका आकार और रंग-रूप लोगों को भ्रमित कर सकता है। यही वजह है कि इसे देखकर आमतौर पर लोग घबरा जाते हैं। विभाग ने इसे सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया है और लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत सूचना दें।

टिहरी में भालू के हमलों से बढ़ी चिंता

इसी बीच टिहरी जिले से भी एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक जंगली भालू के लगातार हमलों के बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े हैं। थौलधार क्षेत्र में सक्रिय इस भालू ने हाल ही में एक वनकर्मी समेत तीन लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया।

पहले भी कर चुका है हमला

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह भालू पिछले कुछ समय से क्षेत्र में सक्रिय है और बीते महीने भी उसने एक महिला को गंभीर रूप से घायल किया था। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही थी, लेकिन हालिया हमले ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले से ही इस खतरे को लेकर प्रशासन को आगाह कर चुके थे।

ग्रामीणों का विरोध और प्रशासन की कार्रवाई

घटना के बाद गुस्साए ग्रामीण घायलों को लेकर सीधे जिला मुख्यालय पहुंच गए और वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताई। आरोप लगाया गया कि शिकायत के बावजूद समय पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों को हटाने की मांग भी उठी।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और बाद में संबंधित भालू को मारने के आदेश जारी कर दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

सुरक्षा और सतर्कता पर जोर

इन दोनों घटनाओं ने पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों और मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को फिर सामने ला दिया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगल या नदी किनारे के इलाकों में सतर्क रहें और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

साथ ही प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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