CensusUpdate – नैनीताल में 10 अप्रैल से शुरू होगी डिजिटल जनगणना प्रक्रिया
CensusUpdate – उत्तराखंड के नैनीताल जिले में इस बार जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल तरीके से शुरू होने जा रही है। प्रशासन के अनुसार, 10 अप्रैल से इसकी शुरुआत होगी, जिसमें नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। यह प्रक्रिया 24 अप्रैल तक चलेगी और इसके लिए एक आधिकारिक पोर्टल तथा मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया गया है। लोगों को खुद ही अपने परिवार और जीवनशैली से जुड़े कई सवालों के जवाब भरने होंगे।

दो चरणों में पूरी होगी पूरी प्रक्रिया
यह पूरी कवायद दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में नागरिकों से ऑनलाइन जानकारी ली जाएगी, जबकि दूसरे चरण में अधिकारियों द्वारा इस डेटा का सत्यापन किया जाएगा। 25 अप्रैल से शुरू होने वाले दूसरे चरण में प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज जानकारी की जांच करेंगे। यह प्रक्रिया 24 मई तक जारी रहेगी।
प्रशासन के मुताबिक, हर प्रगणक को लगभग 700 से 800 लोगों या 150 से 200 घरों की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसमें शहरों के साथ-साथ वन क्षेत्रों, खनन इलाकों और अस्थायी बस्तियों में रहने वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि किसी भी वर्ग की गणना छूट न जाए।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था
नगर निगम क्षेत्रों में जनगणना का कार्य स्थानीय निकायों द्वारा ही कराया जाएगा। वहीं, नगर पालिका और ग्राम पंचायत क्षेत्रों में यह जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी गई है। संबंधित क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारियों को चार्ज अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
परिवार और जीवनशैली से जुड़े होंगे सवाल
इस डिजिटल जनगणना में लोगों से करीब 33 प्रकार की जानकारी मांगी जाएगी। इसमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, कमरों की संख्या, परिवार के सदस्यों की जानकारी, पेयजल और शौचालय की उपलब्धता जैसी बुनियादी चीजें शामिल हैं।
इसके अलावा रसोई गैस कनेक्शन, खाना पकाने के ईंधन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल और कंप्यूटर जैसे उपकरणों की उपलब्धता पर भी सवाल पूछे जाएंगे। परिवहन के साधनों जैसे साइकिल, बाइक या कार की जानकारी भी देनी होगी। साथ ही परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य खाद्यान्न के बारे में भी जानकारी मांगी जाएगी।
डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
प्रशासन का मानना है कि डिजिटल माध्यम अपनाने से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक होगी। इससे डेटा संग्रहण में तेजी आएगी और भविष्य की योजनाओं के लिए बेहतर आधार तैयार होगा। साथ ही, लोगों को भी अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने का अवसर मिलेगा, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी।
हालांकि, जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई होगी, उनके लिए दूसरे चरण में प्रगणक सहायता करेंगे और आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना का उद्देश्य सफल हो सके।



