WeatherImpact – अप्रैल में बर्फबारी से चारधाम तैयारियां धीमी, बढ़ीं चुनौतियां
WeatherImpact – उत्तराखंड में इस बार अप्रैल का मौसम सामान्य पैटर्न से अलग नजर आ रहा है। लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी है, जिसका सीधा असर चारधाम यात्रा की तैयारियों पर पड़ रहा है। आमतौर पर इस समय तक बर्फ पिघलने लगती है और यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं अंतिम चरण में पहुंच जाती हैं, लेकिन इस बार स्थिति इसके उलट है। गढ़वाल के उच्च क्षेत्रों में ठंड और बर्फबारी ने कामकाज की रफ्तार को काफी धीमा कर दिया है।

केदारनाथ में बर्फ हटाने का काम बना चुनौती
केदारनाथ धाम में मंदिर परिसर और पैदल मार्ग से बर्फ हटाने का काम जारी है, लेकिन बार-बार हो रही बर्फबारी से स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, फिर भी मजदूरों को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर पाइपलाइन बर्फ में दब गई हैं, जिससे पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके अलावा संचार और बिजली सेवाओं को भी बहाल रखने में दिक्कतें आ रही हैं।
बदरीनाथ और आसपास के क्षेत्रों में भी असर
बदरीनाथ, जोशीमठ, हेमकुंड और औली जैसे क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम खराब बना हुआ है। बर्फबारी और बारिश के कारण होटल व्यवसायी भी अपनी तैयारियां शुरू नहीं कर पाए हैं। आमतौर पर इस समय तक होटल और अन्य सुविधाओं की मरम्मत और रंग-रोगन का काम शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार ठंड और बर्फबारी ने इन योजनाओं को रोक दिया है।
हेमकुंड साहिब मार्ग पर जमी मोटी बर्फ
हेमकुंड साहिब क्षेत्र में अभी भी भारी मात्रा में बर्फ जमी हुई है। कई जगहों पर चार से छह फीट तक बर्फ की परत मौजूद है, जबकि कुछ हिस्सों में इससे भी अधिक मोटी बर्फ देखी गई है। यात्रा मार्ग को खोलने के लिए सेवादारों और सुरक्षा बलों की टीम निर्धारित समय पर अभियान शुरू करेगी, ताकि कपाट खुलने से पहले रास्ता साफ किया जा सके।
यमुनोत्री में निर्माण कार्य प्रभावित
यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी और ठंड के कारण निर्माण कार्यों की गति धीमी पड़ गई है। यहां स्नान घाटों के पुनर्निर्माण, चेंजिंग रूम और पुल निर्माण जैसे कार्य जारी हैं, लेकिन खराब मौसम बाधा बन रहा है। आसपास के क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी से काम में लगातार रुकावट आ रही है।
मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट
पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी मौसम का असर देखने को मिला है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और कई जगहों पर सामान्य से करीब पांच डिग्री तक कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और अन्य क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
कुमाऊं में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
कुमाऊं मंडल के कई जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में ओलों की वजह से गेहूं, सरसों और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि पहले सूखे और अब ओलावृष्टि ने खेती पर दोहरा असर डाला है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है।
आगे भी मौसम बना रह सकता है चुनौती
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में चारधाम यात्रा की तैयारियों में लगे विभागों के सामने समय पर काम पूरा करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरी कदम उठाने की कोशिश की जा रही है।



