JobFraud – सामने आया फर्जी NGO के नाम पर बेरोजगारों से करोड़ों की ठगी का मामला
JobFraud – लखनऊ में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने खुद को एनजीओ संचालक बताकर स्वास्थ्य विभाग की योजना में काम दिलाने का झांसा दिया और 150 से अधिक बेरोजगारों से मोटी रकम वसूल ली। आरोप है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की ठगी की गई। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

नौकरी दिलाने के नाम पर जाल बिछाया
पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने ‘जीवन पथ’ और ‘बेक फाउंडेशन’ नाम से एक एनजीओ संचालित करने का दावा किया। उन्होंने बताया कि संस्था को स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षय रोग जागरूकता अभियान चलाने का काम मिला है। इसी बहाने युवाओं को जिला और ब्लॉक स्तर पर कोऑर्डिनेटर और फील्ड अफसर बनाने का प्रस्ताव दिया गया। नौकरी के साथ 30 से 90 हजार रुपये तक वेतन का लालच भी दिया गया, जिससे कई लोग उनके झांसे में आ गए।
प्रशिक्षण और नियुक्ति के नाम पर वसूली
आरोपियों ने पूरी प्रक्रिया को भरोसेमंद बनाने के लिए बाकायदा कार्यालय भी तैयार कर रखा था। उम्मीदवारों को वहां बुलाया जाता, उनके दस्तावेज लिए जाते और प्रशिक्षण, मेडिकल जांच, आईडी कार्ड तथा नियुक्ति पत्र के नाम पर एक से सवा लाख रुपये तक की मांग की जाती। कई युवाओं ने अपनी जमा पूंजी या उधार लेकर यह रकम जमा कर दी। कुछ लोगों को नियुक्ति पत्र और आईडी कार्ड भी सौंप दिए गए, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि नौकरी मिल गई है।
कुछ दिन काम के बाद खुला राज
पीड़ितों ने बताया कि उन्हें कुछ दिनों तक काम पर भी लगाया गया। इस दौरान वे खुद को सरकारी योजना से जुड़ा समझते रहे। लेकिन जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की, तो मामला संदिग्ध लगा। पड़ताल में सामने आया कि एनजीओ के नाम पर पूरा नेटवर्क फर्जी था और किसी भी तरह की आधिकारिक अनुमति नहीं थी। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ और पीड़ितों को अपनी गलती का एहसास हुआ।
कई जिलों के युवा बने शिकार
इस मामले में महाराजगंज, देवरिया, गोरखपुर समेत कई जिलों के युवाओं के ठगे जाने की बात सामने आई है। पीड़ितों ने सामूहिक रूप से विकासनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने पारसनाथ खरवार, विपिन और प्रताप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की भूमिका और नेटवर्क को लेकर विस्तृत जांच की जा रही है।
साइबर ठगी के मामले भी बढ़े
इसी बीच राजधानी में साइबर ठगी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जालसाजों ने पांच लोगों के खातों से करीब 11.47 लाख रुपये निकाल लिए। ठगों ने कहीं खुद को बैंक या क्रेडिट कार्ड प्रतिनिधि बताकर लोगों को फंसाया, तो कहीं फर्जी लिंक भेजकर खाते से रकम पार कर ली। इन घटनाओं ने लोगों की सतर्कता पर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान संस्था या व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी प्रस्ताव की सत्यता की जांच करना जरूरी है, खासकर जब पैसे की मांग की जा रही हो। साथ ही साइबर अपराधों से बचने के लिए भी जागरूक रहने की सलाह दी गई है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।



