बिज़नेस

LPGPrice – सप्लाई प्रभावित, सिलेंडर कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज

LPGPrice – वैश्विक स्तर पर जारी तनाव का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में बाधा उत्पन्न होने के कारण कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा, लगभग 60 प्रतिशत से अधिक एलपीजी, विदेशों से मंगाता है। ऐसे में खाड़ी देशों से सप्लाई प्रभावित होने के चलते घरेलू और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर दोनों की कीमतों में हाल के दिनों में बढ़ोतरी देखी गई है।

lpg price hike supply impact india

कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम में हालिया बढ़ोतरी

अप्रैल महीने की शुरुआत में ही कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में बड़ा इजाफा किया गया था। 1 अप्रैल को दिल्ली में इसकी कीमत में लगभग 195 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई, जिसके बाद राजधानी में यह सिलेंडर 2078.50 रुपये तक पहुंच गया। अन्य महानगरों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर लागत का दबाव बढ़ा है।

घरेलू सिलेंडर की कीमतों का वर्तमान स्तर

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी राहत सीमित ही रही है। देश के प्रमुख शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। दिल्ली में यह करीब 913 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये, मुंबई में लगभग 912.50 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये के आसपास है। बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी कीमतें 915 से 965 रुपये के बीच बनी हुई हैं। हालांकि अप्रैल में घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहे हैं, लेकिन मार्च में इनमें 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।

कॉमर्शियल दरें शहरों के अनुसार अलग

कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम अलग-अलग शहरों में अलग स्तर पर हैं। दिल्ली में जहां यह 2078.50 रुपये है, वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 2208 रुपये तक पहुंच गई है। मुंबई में यह 2031 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये के आसपास है। बेंगलुरु और हैदराबाद में भी यह क्रमशः 2161 रुपये और 2320 रुपये तक पहुंच चुका है। इन बढ़ती कीमतों का असर खास तौर पर व्यापारिक गतिविधियों पर देखा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल बना वजह

एलपीजी कीमतों में इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी एक अहम कारण है। सऊदी अरब के कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 1 अप्रैल को उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जहां यह 542 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 780 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गया। इस बदलाव का सीधा असर भारत में आयात लागत पर पड़ा, जिसके चलते कंपनियों को कीमतें बढ़ानी पड़ीं।

बुकिंग नियम और निगरानी व्यवस्था सख्त

एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने बुकिंग नियमों को भी सख्त किया है। शहरी क्षेत्रों में अब 25 दिनों के अंतराल पर ही सिलेंडर बुक किया जा सकता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में यह अवधि 45 दिन तय की गई है। इसके अलावा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए विभिन्न राज्यों में नियमित रूप से जांच अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.