MiddleEastPeace – होर्मुज खुलने के बाद शांति समझौते के संकेत तेज
MiddleEastPeace – पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब हालात कुछ हद तक सामान्य होते नजर आ रहे हैं। ईरान ने शुक्रवार देर शाम एक अहम कदम उठाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यावसायिक जहाजों के लिए खोलने की घोषणा की। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच जल्द ही किसी समझौते की संभावना बन रही है। उन्होंने ईरान के इस कदम को समझदारी भरा बताते हुए कहा कि अब बातचीत में ज्यादा बाधाएं नहीं बची हैं और दोनों पक्ष किसी निष्कर्ष के करीब हैं।

कूटनीतिक प्रयासों से बदली स्थिति
हाल के घटनाक्रम बताते हैं कि कई स्तरों पर हुए कूटनीतिक प्रयासों ने स्थिति को इस मुकाम तक पहुंचाया है। इस्लामाबाद में हुई बातचीत भले ही किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची, लेकिन इसके बाद क्षेत्रीय स्तर पर गतिविधियां तेज हो गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने लेबनान में युद्धविराम सुनिश्चित करने के लिए इजरायल पर दबाव बनाया, जिससे एक बड़ी बाधा दूर हुई। इसके तुरंत बाद ईरान ने होर्मुज को खोलने का फैसला लिया, जिसने पूरे घटनाक्रम को नई दिशा दी।
ट्रंप के बयान में दिखा भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने बातचीत के दौरान भरोसा जताया कि समझौता अब दूर नहीं है। उन्होंने कहा कि हालात तेजी से बेहतर हो रहे हैं और यह प्रक्रिया सभी पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब खुला है और आगे भी खुला रहेगा, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिलेगी। उनके इन बयानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संदेश दिया है।
वैश्विक बाजारों में दिखा असर
होर्मुज के खुलने की खबर का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम होने से बाजारों में स्थिरता आई है। कई देशों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है, क्योंकि इस मार्ग से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की आपूर्ति होती है।
यूरेनियम मुद्दे पर अभी भी मतभेद
हालांकि हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन कुछ मुद्दे अब भी सुलझे नहीं हैं। विशेष रूप से ईरान के संवर्धित यूरेनियम को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ट्रंप का दावा है कि ईरान इस मुद्दे पर सहमति के लिए तैयार है, जबकि तेहरान ने इस तरह की किसी भी बात से इनकार किया है। इस विवाद के चलते बातचीत पूरी तरह आसान नहीं मानी जा रही।
होर्मुज पर सुरक्षा को लेकर चिंता
भले ही ईरान ने होर्मुज को खोलने की घोषणा कर दी हो, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जब तक अंतिम समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान के बंदरगाहों पर उसकी नाकेबंदी जारी रहेगी। ऐसे में यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसके अलावा समुद्र में बिछाई गई माइन्स को हटाने का काम भी जारी है, जिसे लेकर अमेरिका ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ईरान के साथ मिलकर इसे साफ कर रही है।
माइन्स हटाने पर संयुक्त प्रयास
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी जानकारी दी कि होर्मुज में बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का काम तेजी से चल रहा है। उनके अनुसार, अमेरिकी नौसेना इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रही है और जल्द ही मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित बना दिया जाएगा। इससे पहले ईरान ने इस मार्ग को बंद करने के लिए समुद्र में माइन्स बिछा दी थीं, जिससे जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं।