CorporateCrime – नासिक TCS मामले में आरोपियों के बैंक लेनदेन की जांच तेज
CorporateCrime – नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन प्रकरण में जांच अब आर्थिक पहलुओं तक पहुंच गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कहीं उन्हें किसी संदिग्ध या अवैध गतिविधि के लिए आर्थिक सहायता तो नहीं मिली थी। जांच एजेंसियां यह भी समझने की कोशिश कर रही हैं कि इन लेनदेन का घटनाक्रम से कोई सीधा संबंध है या नहीं।

जांच का दायरा बढ़ा, SIT कर रही पड़ताल
इस पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंपी गई है, जिसने अपनी कार्रवाई को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बैंक खातों की जांच के जरिए धन के स्रोत और संभावित नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने जांच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने से परहेज किया है। इस बीच, एक स्थानीय अदालत ने मामले में गिरफ्तार महिला प्रबंधक (संचालन) की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ाने का आदेश दिया है, जिससे जांच एजेंसियों को और समय मिल सके।
अब तक सात गिरफ्तार, एक महिला कर्मचारी फरार
जांचकर्ताओं के अनुसार, अब तक इस मामले में सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला शामिल हैं। वहीं, एक अन्य महिला कर्मचारी अभी फरार बताई जा रही है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और एक महिला प्रबंधक (संचालन) शामिल हैं। मामले के सामने आने के बाद संबंधित कर्मचारियों को कंपनी द्वारा निलंबित कर दिया गया था।
महिला कर्मचारियों की शिकायतों से खुला मामला
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों से हुई, जिन्होंने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि उन्होंने मानव संसाधन विभाग को इस बारे में जानकारी दी थी, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। इन आरोपों के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए SIT का गठन किया और जांच शुरू की।
कंपनी का रुख और आंतरिक कार्रवाई
मामले के सार्वजनिक होने के बाद TCS ने स्पष्ट किया कि कंपनी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम करती है। कंपनी ने यह भी पुष्टि की कि नासिक कार्यालय में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। कंपनी के अनुसार, आंतरिक स्तर पर भी जांच जारी है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
शीर्ष नेतृत्व ने जताई चिंता
टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन ने इस घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल पीड़ितों के लिए कष्टदायक होती हैं, बल्कि संगठन की कार्यसंस्कृति पर भी सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि TCS की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके और जिम्मेदार लोगों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
आगे की दिशा पर नजर
जांच एजेंसियां अब इस मामले के हर पहलू को जोड़कर देख रही हैं, जिसमें व्यक्तिगत आरोपों से लेकर संभावित संगठित गतिविधियों तक सभी बिंदु शामिल हैं। बैंक खातों की जांच से यह उम्मीद की जा रही है कि मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। आने वाले दिनों में इस केस में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।



