USIranTalks – सीजफायर पर अमेरिका का रुख स्पष्ट, पाकिस्तान में फिर वार्ता संभव
USIranTalks – अमेरिका ने हालिया घटनाक्रम पर अपनी स्थिति साफ करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि उसने ईरान के साथ जारी संघर्ष में युद्धविराम बढ़ाने की कोई औपचारिक मांग नहीं की है। वाशिंगटन की ओर से यह बयान उन खबरों के बीच आया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अमेरिका सीजफायर को आगे बढ़ाने के पक्ष में है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं बनी हुई हैं।

वाइट हाउस ने रिपोर्ट्स को बताया गलत
वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीजफायर विस्तार को लेकर जो खबरें सामने आई हैं, वे सही नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका ने ऐसी कोई मांग नहीं रखी है। लेविट के मुताबिक, मौजूदा समय में प्राथमिकता बातचीत को आगे बढ़ाने पर है, न कि किसी एकतरफा फैसले पर। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन पूरी तरह से इस प्रक्रिया में शामिल है।
बातचीत को लेकर जताई सकारात्मक उम्मीद
प्रेस सचिव ने यह भी संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच चल रही वार्ताएं सही दिशा में बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पहले ही इस पर सार्वजनिक रूप से भरोसा जता चुके हैं। लेविट के अनुसार, मौजूदा बातचीत से एक सकारात्मक नतीजे की उम्मीद की जा रही है, हालांकि अभी किसी अंतिम समझौते की घोषणा नहीं की गई है।
ईरान को लेकर सख्त संकेत
अमेरिका ने बातचीत के साथ-साथ ईरान को लेकर अपने रुख में सख्ती भी दिखाई है। लेविट ने कहा कि ईरान के लिए बेहतर होगा कि वह अमेरिकी नेतृत्व द्वारा तय की गई शर्तों को स्वीकार करे। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने अपनी सीमाएं और अपेक्षाएं स्पष्ट रूप से सामने रख दी हैं। यह बयान इस ओर इशारा करता है कि बातचीत के दौरान दबाव की रणनीति भी जारी रहेगी।
पाकिस्तान बना प्रमुख मध्यस्थ
वार्ता के संभावित स्थान को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। वाइट हाउस ने संकेत दिया है कि अगली बातचीत भी पाकिस्तान में ही आयोजित हो सकती है, जहां पहले दौर की वार्ता हुई थी। लेविट ने पाकिस्तान को इस प्रक्रिया का प्रमुख और एकमात्र मध्यस्थ बताया। हालांकि अन्य देशों ने भी सहयोग की पेशकश की है, लेकिन फिलहाल बातचीत का केंद्र पाकिस्तान ही बना हुआ है।
ट्रंप ने दिए अगले दौर के संकेत
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि बातचीत का अगला चरण जल्द शुरू हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि यह प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में आगे बढ़ सकती है। ट्रंप के मुताबिक, कूटनीतिक चैनलों के जरिए संवाद को फिर से सक्रिय किया जा रहा है और इसके लिए इस्लामाबाद एक अहम स्थान बना हुआ है।
विवादित मुद्दों पर चल रही चर्चा
मध्यस्थता में शामिल सूत्रों के अनुसार, बातचीत के दौरान तीन प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति और युद्ध के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा शामिल है। इन बिंदुओं पर सहमति बनना किसी भी संभावित समझौते के लिए जरूरी माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी उम्मीदें
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने भी संकेत दिया है कि बातचीत जल्द ही आगे बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इसका असर क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक बाजार दोनों पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि कूटनीतिक प्रयास किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।



