SmartMeter – बांदा में बारात लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा बिजली कटौती से नाराज दूल्हा
SmartMeter – बांदा जिले में भीषण गर्मी के बीच स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला मटौंध क्षेत्र के उजरेहटा गांव का है, जहां शादी के माहौल में अचानक बिजली कटने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सोमवार शाम बारात की तैयारी चल रही थी, तभी घर की बिजली सप्लाई बंद हो गई। उमस और गर्मी के कारण घर में मौजूद परिजन और मेहमान बेहाल हो गए, जिससे नाराजगी खुलकर सामने आई।

शादी की तैयारियों के बीच अचानक बिजली गुल
उजरेहटा गांव में कुलदीप की बारात महोबा के खन्ना जाने वाली थी। घर में शादी का उत्साह था और तैयारियां अंतिम चरण में थीं। इसी दौरान अचानक बिजली कटने से माहौल बिगड़ गया। परिजनों का कहना है कि तेज गर्मी में बिजली का जाना बेहद मुश्किल भरा हो गया। हालात ऐसे बने कि दूल्हे ने इसे सिर्फ तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि बड़ी लापरवाही मानते हुए विरोध का रास्ता चुना।
दूल्हा बारात के साथ पहुंचा जिलाधिकारी कार्यालय
बिजली कटौती से आक्रोशित दूल्हा कुलदीप बैंड-बाजे और बारात के साथ सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गया। वहां पहुंचकर उसने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और सिटी मजिस्ट्रेट को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। कुलदीप ने सवाल उठाया कि जब घर में बिजली ही नहीं है तो वह नई दुल्हन को कैसे लाएगा। उसका कहना था कि शादी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इस तरह की समस्या ने पूरे परिवार को परेशान कर दिया।
स्मार्ट मीटर पर बढ़ते बिल का आरोप
दूल्हे ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली का बिल पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। उसके अनुसार, लगातार रिचार्ज कराने के बावजूद बैलेंस जल्दी खत्म हो जाता है। ऐसे में बार-बार रिचार्ज करना आर्थिक रूप से मुश्किल हो रहा है। घर में रिश्तेदारों की मौजूदगी और गर्मी के मौसम ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया।
सामाजिक संगठनों ने भी उठाई आवाज
दूल्हे के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे बुंदेलखंड इंसाफ सेना के प्रतिनिधियों ने भी बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी ने कहा कि स्मार्ट मीटर के जरिए आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उनका कहना था कि स्थिति इतनी खराब हो गई है कि लोगों को जरूरी खर्च और बिजली बिल के बीच चुनाव करना पड़ रहा है।
विभाग ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
इस पूरे मामले पर बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता रविकांत वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का जल्द निस्तारण किया जाए। हालांकि, दूल्हे के बारात के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचने की घटना की जानकारी उन्हें नहीं थी।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर बन रहे परेशानी का कारण
क्षेत्र में कई उपभोक्ता प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायत कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि रिचार्ज के बावजूद बैलेंस तेजी से खत्म हो जाता है और कई बार अचानक माइनस में चला जाता है, जिससे बिजली सप्लाई बंद हो जाती है। अलीगंज के एक शिक्षक वीरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने हाल ही में छह हजार रुपये का रिचार्ज कराया था, लेकिन कुछ ही दिनों में बैलेंस माइनस में पहुंच गया।
बढ़ती शिकायतों से गहराता असंतोष
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। गर्मी के मौसम में बिजली की अनियमितता और तकनीकी खामियां आम जीवन को प्रभावित कर रही हैं। ग्रामीण इलाकों में यह समस्या ज्यादा गंभीर रूप लेती जा रही है, जहां वैकल्पिक व्यवस्था भी सीमित है। प्रशासन और बिजली विभाग के लिए यह चुनौती बनती जा रही है कि वे समय रहते इन समस्याओं का समाधान निकालें।