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8thPayCommission – महंगाई भत्ता बढ़ा, पेंशन सुधारों पर बढ़ी उम्मीदें…

8thPayCommission – केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिसके बाद यह बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब आठवें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। इसी बीच, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दों को लेकर नेशनल काउंसिल (जेसीएम) की स्टाफ साइड ड्राफ्टिंग कमेटी ने आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कई अहम सुझाव और मांगें शामिल हैं।

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पेंशन और वेतन संरचना पर व्यापक सुझाव

13 अप्रैल 2026 को सौंपे गए इस दस्तावेज में कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों के लिए वेतन और पेंशन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातों को उठाया गया है। समिति ने दोनों वर्गों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की है। प्रस्ताव के अनुसार, यह फैक्टर 3.833 रखा जाए, जिससे पेंशन और वेतन में संतुलन सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही, जनवरी 2026 से बकाया राशि के भुगतान की भी बात कही गई है।

नागरिक कर्मचारियों के लिए OROP जैसी व्यवस्था की मांग

ड्राफ्टिंग कमेटी ने सुझाव दिया है कि सैन्य बलों की तर्ज पर नागरिक कर्मचारियों के लिए भी एक समान पेंशन व्यवस्था लागू की जाए। इसका उद्देश्य यह है कि समान पद से रिटायर होने वाले कर्मचारियों को, चाहे वे अलग-अलग समय पर सेवानिवृत्त हुए हों, बराबर पेंशन मिल सके। इससे पुराने और नए पेंशनभोगियों के बीच का अंतर कम करने में मदद मिल सकती है।

पुरानी पेंशन योजना की वापसी पर जोर

समिति ने मौजूदा पेंशन योजनाओं को लेकर भी अपनी चिंता जताई है। इसमें कहा गया है कि नेशनल पेंशन सिस्टम और नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम के बजाय पुरानी पेंशन व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि मौजूदा योजनाएं बाजार पर निर्भर हैं, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद आय की स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव

ज्ञापन में ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को बढ़ाने की भी मांग की गई है। मौजूदा सीमा 25 लाख रुपये है, जिसे बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा, ग्रेच्युटी की गणना के तरीके में भी बदलाव की बात कही गई है, ताकि कर्मचारियों को अधिक लाभ मिल सके।

कम्यूटेशन अवधि घटाने की सिफारिश

पेंशन कम्यूटेशन से जुड़े नियमों में बदलाव की भी सिफारिश की गई है। वर्तमान में पेंशन की पूर्ण बहाली में 15 साल का समय लगता है, जिसे घटाकर 11 साल करने का प्रस्ताव है। इससे रिटायर कर्मचारियों को कम समय में पूरी पेंशन का लाभ मिल सकेगा।

फैमिली पेंशन और बेसिक पेंशन बढ़ाने की मांग

ड्राफ्टिंग कमेटी ने पेंशन दरों में वृद्धि का सुझाव भी दिया है। प्रस्ताव के अनुसार, पेंशन को अंतिम वेतन के 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 67 प्रतिशत तक किया जाए। वहीं, फैमिली पेंशन को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की बात कही गई है। साथ ही, इसकी अवधि को भी अधिक उम्र तक बढ़ाने का सुझाव शामिल है।

उम्र के साथ पेंशन में चरणबद्ध बढ़ोतरी

समिति ने उम्र के आधार पर पेंशन में अतिरिक्त वृद्धि का भी सुझाव दिया है। प्रस्ताव के तहत हर पांच साल में पेंशन में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की बात कही गई है, जिससे वरिष्ठ पेंशनभोगियों को बढ़ती उम्र के साथ आर्थिक सहारा मिल सके।

महंगाई भत्ता को मूल वेतन में जोड़ने का सुझाव

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जब महंगाई भत्ता और राहत एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाएं, तो उन्हें मूल वेतन में शामिल कर लिया जाए। इससे आगे मिलने वाले भत्तों की गणना अधिक आधार राशि पर होगी और कुल लाभ बढ़ सकता है।

छुट्टी नकदीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

रिटायरमेंट के समय मिलने वाली छुट्टियों के नकदीकरण की सीमा बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसे 300 दिनों से बढ़ाकर 600 दिन करने की बात कही गई है। इसके अलावा, सरकारी स्वास्थ्य योजना का विस्तार अधिक शहरों तक करने और कैशलेस इलाज की सुविधा देने की मांग भी शामिल है।

आगे की दिशा पर नजर

इन सभी सुझावों पर अंतिम फैसला आठवां वेतन आयोग करेगा। फिलहाल, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन प्रस्तावों को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। आने वाले समय में आयोग की सिफारिशें यह तय करेंगी कि वेतन और पेंशन ढांचे में किस तरह के बदलाव लागू होते हैं।

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