बिहार

WheatProcurement – बिहार में गेहूं खरीद लक्ष्य बढ़ा, किसानों को राहत…

WheatProcurement – बिहार के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। केंद्र सरकार ने राज्य में गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाते हुए इसे पहले के मुकाबले कई गुना अधिक कर दिया है। इस निर्णय से उन किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।

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खरीद लक्ष्य में बड़ा इजाफा

सरकारी निर्णय के अनुसार, अब बिहार में कुल 1.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाएगी। पहले यह लक्ष्य मात्र 18 हजार मीट्रिक टन था, जिससे सीमित संख्या में ही किसानों को फायदा मिल पा रहा था। नए लक्ष्य के तहत सहकारिता विभाग को 1.30 लाख मीट्रिक टन और भारतीय खाद्य निगम को 50 हजार मीट्रिक टन खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। इससे राज्य के अधिक किसानों को अपनी उपज सरकारी दर पर बेचने का अवसर मिलेगा।

सीमित खरीद से बढ़ी थी चिंता

इस वर्ष गेहूं खरीद प्रक्रिया एक अप्रैल से शुरू हो चुकी है और यह 15 जून तक जारी रहेगी। शुरुआती दौर में खरीद का लक्ष्य कम होने के कारण बहुत कम किसान इसका लाभ उठा पाए थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पहले कुछ हफ्तों में करीब 17,500 मीट्रिक टन ही खरीद हो पाई थी, जिससे लगभग 3800 किसानों को ही समर्थन मूल्य का फायदा मिल सका। इस स्थिति ने अन्य किसानों की चिंता बढ़ा दी थी।

किसानों और संस्थाओं की मांग

खरीद लक्ष्य कम होने के कारण किसान संगठनों, पैक्स और व्यापार मंडलों ने सरकार से इसे बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि बाजार में गेहूं के दाम अपेक्षाकृत कम मिल रहे हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में समर्थन मूल्य पर खरीद का दायरा बढ़ाना जरूरी था।

बढ़े लक्ष्य से मिलेगी राहत

राज्य भर में गेहूं खरीद के लिए 4600 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें अधिकांश पैक्स और व्यापार मंडलों के हैं। इन केंद्रों पर किसानों को प्रति क्विंटल निर्धारित समर्थन मूल्य के अनुसार भुगतान किया जाएगा। सरकार ने निर्देश दिया है कि खरीद के बाद 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी न हो।

बाजार और समर्थन मूल्य का अंतर

वर्तमान समय में खुले बाजार में गेहूं की कीमत समर्थन मूल्य से कम बताई जा रही है। कई स्थानों पर बिचौलियों द्वारा किसानों को कम दर पर खरीद का प्रस्ताव दिया जा रहा था, जिससे किसान असमंजस में थे। ऐसे हालात में बढ़ा हुआ सरकारी लक्ष्य किसानों के लिए राहत का कारण बन सकता है और उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।

जिलों को नया लक्ष्य आवंटित

खरीद लक्ष्य में वृद्धि के बाद राज्य के सभी जिलों के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। इससे स्थानीय स्तर पर भी खरीद प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है। संबंधित विभागों ने निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि खरीद कार्य सुचारु रूप से चल सके और अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।

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