MurderCase – सुल्तानगंज में अधिकारी की गोली मारकर हत्या से फैली सनसनी
MurderCase – भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। घटना इतनी अचानक और गंभीर थी कि कार्यालय परिसर में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था। इस वारदात की खबर फैलते ही न सिर्फ भागलपुर, बल्कि उनके पैतृक जिले मधुबनी में भी शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लिए यह घटना किसी गहरे सदमे से कम नहीं है, क्योंकि कृष्ण भूषण अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कृष्ण भूषण प्रसाद के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक घर मधुबनी के गदियानी लोहरसारी इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी। हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचा, लेकिन घर का माहौल गमगीन बना रहा। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है, ऐसे में भाइयों पर भी दुख का बोझ और बढ़ गया है। चार भाइयों में वे दूसरे स्थान पर थे। बड़े भाई इन्द्र भूषण कुमार नौसेना में कार्यरत हैं, जबकि अन्य भाई शिक्षा और शोध से जुड़े हैं। परिवार के लोगों ने बताया कि कृष्ण भूषण पढ़ाई में तेज और व्यवहार में बेहद सरल थे, जिससे वे समाज में भी सम्मानित थे।
घटना के बाद परिजन भागलपुर रवाना
घटना के समय उनकी पत्नी बच्चों के साथ मोतिहारी में अपने मायके में थीं। जैसे ही उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली, वे तत्काल भागलपुर के लिए रवाना हो गईं। परिजनों के मुताबिक, घटना की सूचना शाम के समय ड्राइवर के जरिए मिली थी, जिसके बाद पूरे परिवार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रिश्तेदारों और परिचितों ने बताया कि कृष्ण भूषण ने मेहनत और लगन से अपनी पहचान बनाई थी और परिवार को उन पर गर्व था।
हमलावरों से भिड़ते नजर आए अधिकारी
घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में जो दृश्य सामने आए हैं, वे काफी चौंकाने वाले हैं। फुटेज में देखा जा सकता है कि हथियारों से लैस तीन लोग अचानक कार्यालय में घुसते हैं और सीधे सभापति को निशाना बनाते हैं। इस दौरान कृष्ण भूषण ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और हमलावरों का सामना किया। वे लगातार उनका विरोध करते हुए नजर आए और कुछ समय तक हाथापाई भी हुई। इस दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य लोग सहम गए और इधर-उधर छिपने लगे।
नजदीक से गोली मारकर की हत्या
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब हमलावरों को लगा कि स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर जा रही है, तो उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि कुल छह राउंड फायरिंग हुई, जिनमें कई गोलियां कृष्ण भूषण को लगीं। एक गोली उनके सिर में बेहद करीब से मारी गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहीं सभापति भी इस हमले में घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में जुटी पुलिस, इलाके में सतर्कता
घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है। आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल इस घटना के पीछे की वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखकर काम कर रही हैं।