बिहार

CyberCrime – डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रिटायर अधिकारी से हुई लाखों की ठगी

CyberCrime – बिहार के मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर ठगों ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 17 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने वीडियो कॉल के जरिए बुजुर्ग को डराया और कथित “डिजिटल अरेस्ट” का हवाला देकर कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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पीड़ित भोला प्रसाद बिजली विभाग से रिटायर अधिकारी हैं और सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा गांव के निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि करीब तीन सप्ताह पहले उनके व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से वीडियो कॉल आया था। कॉल उठाते ही सामने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई का वरिष्ठ अधिकारी बताया और गंभीर जांच का हवाला देकर उन्हें डराना शुरू कर दिया।

गिरफ्तारी का डर दिखाकर मांगे पैसे

ठगों ने पीड़ित से कहा कि नौकरी के दौरान उनके खिलाफ आर्थिक गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं और जांच में आरोप सही पाए गए हैं। कॉल करने वाले ने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है और कभी भी कार्रवाई हो सकती है।

पीड़ित के अनुसार, उन्हें वीडियो कॉल के जरिए लगातार निगरानी में रहने को कहा गया। आरोपियों ने धमकाया कि अगर कैमरे से हटे या किसी को जानकारी दी, तो तुरंत पुलिस उनके घर पहुंच जाएगी। इसी दौरान कथित जांच अधिकारियों ने कहा कि 17 लाख रुपये जमा कराने पर गिरफ्तारी से राहत मिल सकती है।

रकम ट्रांसफर करने के बाद हुआ शक

डर और तनाव में आकर बुजुर्ग अधिकारी ने बताए गए बैंक खाते में पूरी राशि ट्रांसफर कर दी। हालांकि, इसके बाद भी आरोपियों की ओर से लगातार पैसों की मांग की जाने लगी। जब पीड़ित ने सवाल पूछने शुरू किए तो कॉल अचानक बंद कर दिया गया और नंबर भी निष्क्रिय हो गया।

इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की।

कई राज्यों से जुड़े मिले सुराग

साइबर डीएसपी हिमांशु के नेतृत्व में गठित टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान पुलिस को वैशाली और मुजफ्फरपुर से जुड़े कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद कई स्थानों पर छापेमारी की गई।

सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पुलिस ने वैशाली और मनियारी इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ठिकानों से कई राज्यों के बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और इंटरनेशनल कॉलिंग से जुड़े उपकरण बरामद किए गए हैं।

पूरे नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी संगठित साइबर गिरोह से जुड़े हुए हैं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह अलग-अलग राज्यों के लोगों को सरकारी एजेंसियों का डर दिखाकर निशाना बनाता था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान वीडियो कॉल या सरकारी जांच के नाम पर आने वाली धमकियों से घबराएं नहीं। किसी भी संदिग्ध कॉल की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।

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