DonkeyExport – पाकिस्तान ने चीन को गधे के मांस-खाल निर्यात को दी मंजूरी
DonkeyExport – पाकिस्तान सरकार ने अंततः चीन को गधे के मांस और खाल के निर्यात की अनुमति दे दी है। यह फैसला उस समय लिया गया जब एक चीनी कंपनी ने प्रशासनिक देरी से नाराज़ होकर अपना कारोबार बंद करने की चेतावनी दे दी थी। मामले ने तूल पकड़ा तो प्रधानमंत्री कार्यालय को सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद लंबित फाइलों को तेजी से निपटाया गया।

ग्वादर परियोजना से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा विवाद ग्वादर में सक्रिय ‘हनगेंग ट्रेड कंपनी’ से संबंधित है, जो चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत काम कर रही है। कंपनी यहां एक बूचड़खाना संचालित करती है, जहां से गधे का मांस और खाल चीन भेजे जाते हैं। पिछले कुछ महीनों से कंपनी की निर्यात अनुमति से जुड़ी फाइल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय और पशु संगरोध विभाग में अटकी हुई थी, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा था।
कंपनी ने दी थी काम बंद करने की चेतावनी
स्थिति से परेशान होकर कंपनी ने 1 मई को सार्वजनिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि गैर-व्यावसायिक कारणों और सरकारी स्तर पर हो रही बाधाओं के चलते उन्हें फैक्ट्री बंद करनी पड़ सकती है। कर्मचारियों को संभावित छंटनी की सूचना भी दे दी गई थी। कंपनी का दावा था कि सभी जरूरी मानकों को पूरा करने के बावजूद तीन महीने से उनका निर्यात अटका हुआ है।
विदेशी निवेशकों को लेकर उठे सवाल
कंपनी ने अपने बयान में अन्य विदेशी निवेशकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में निवेश से पहले नीतियों के क्रियान्वयन और संस्थागत स्थिरता का आकलन करना जरूरी है। इस टिप्पणी ने देश में निवेश माहौल को लेकर नई बहस छेड़ दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय की सीधी दखलंदाजी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री के सलाहकार तौकीर शाह ने इसे तुरंत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया। इसके बाद शुक्रवार को पीएमओ ने सीधे हस्तक्षेप किया और लंबित प्रक्रिया को गति दी। अगले ही दिन कैबिनेट ने निर्यात को मंजूरी दे दी और संबंधित विभागों ने जरूरी परमिट जारी कर दिए।
सरकारी पक्ष और देरी की वजह
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार ही चल रही थी। कुछ अधिकारियों ने यह भी बताया कि कंपनी द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर के कुछ मानकों, जैसे प्रजनन संबंधी शर्तों, को पूरी तरह पूरा नहीं किया गया था, जिसके कारण देरी हुई।
चीन में क्यों है इतनी मांग
चीन में गधे के मांस और खासतौर पर उसकी खाल की काफी मांग है। खाल का उपयोग पारंपरिक औषधियों के निर्माण में किया जाता है, जिन्हें रक्तवर्धक और त्वचा संबंधी उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि यह व्यापार लगातार बढ़ रहा है।
पाकिस्तान के लिए आर्थिक अवसर
आर्थिक दृष्टि से यह निर्यात पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल करीब 2 लाख से अधिक गधों का उपयोग इस व्यापार में होता है। इससे देश को लगभग 300 मिलियन डॉलर तक की आय होने का अनुमान है, जो मौजूदा आर्थिक चुनौतियों के बीच एक अहम स्रोत माना जा रहा है।