FuelPrice – पेट्रोल और डीजल के दाम आज भी स्थिर बने रहे
FuelPrice – देशभर में सोमवार को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। सरकारी तेल कंपनियों ने लगातार एक और दिन ईंधन दरों को पुराने स्तर पर बरकरार रखा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहने के बावजूद उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिलती दिखाई दे रही है। वर्ष 2022 के बाद से सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़े स्तर पर कोई संशोधन नहीं हुआ है।

दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई। वहीं अंडमान-निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल 82.46 रुपये और डीजल 78.05 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। अलग-अलग राज्यों में टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण कीमतों में अंतर बना हुआ है।
महानगरों में क्या हैं ताजा दरें
देश के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतों पर नजर डालें तो मुंबई में पेट्रोल 104.21 रुपये और डीजल 92.15 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। कोलकाता में पेट्रोल 103.94 रुपये और डीजल 90.76 रुपये बिक रहा है। चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.75 रुपये और डीजल 92.34 रुपये प्रति लीटर है।
अन्य शहरों में भी अलग-अलग दरें देखने को मिल रही हैं। जयपुर और हैदराबाद जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 104 रुपये से ऊपर बनी हुई है। वहीं चंडीगढ़ में पेट्रोल 94.30 रुपये और डीजल 82.45 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया, जो कई अन्य शहरों की तुलना में कम है।
कच्चे तेल की महंगाई से बढ़ा दबाव
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे हालातों के चलते कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। युद्ध से पहले यही कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थी।
तेल कंपनियों पर बढ़ते आयात खर्च का असर साफ दिखाई दे रहा है। बाजार जानकारों का कहना है कि कंपनियों को मौजूदा कीमतों पर ईंधन बेचने में नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि अभी तक सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा उपभोक्ताओं पर इसका पूरा बोझ नहीं डाला है।
कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना
सरकारी सूत्रों से जुड़ी रिपोर्ट्स में यह संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
हालांकि अभी तक सरकार या तेल कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो कंपनियों के लिए मौजूदा दरों को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
निजी कंपनियों ने पहले ही बढ़ाए थे दाम
जहां सरकारी तेल कंपनियां कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं, वहीं निजी क्षेत्र की कुछ कंपनियां पहले ही दरों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। नायरा एनर्जी ने मार्च में पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे।
इसके बाद शेल इंडिया ने भी पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में इजाफा किया। कंपनी ने पेट्रोल करीब 7 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 25 रुपये प्रति लीटर महंगा किया था। इससे साफ संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती लागत का असर कंपनियों पर लगातार बढ़ रहा है।
उपभोक्ताओं की नजर अगले फैसले पर
फिलहाल आम लोगों को ईंधन कीमतों में स्थिरता से राहत जरूर मिली है, लेकिन बाजार की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वाहन चालकों और घरेलू उपभोक्ताओं की नजर अब सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसलों पर टिकी हुई है।