स्वास्थ्य

ChickenHealth – फिट रहने के लिए चिकन के इन हिस्सों से बनाएं दूरी

ChickenHealth – चिकन को लंबे समय से प्रोटीन का भरोसेमंद स्रोत माना जाता है और यही वजह है कि यह कई लोगों की डाइट का अहम हिस्सा बन चुका है। खासकर जो लोग मसल्स बढ़ाने या संतुलित आहार लेने पर ध्यान देते हैं, उनके लिए चिकन एक आसान विकल्प होता है। हालांकि, चिकन खाने के फायदे तभी मिलते हैं जब इसके सही हिस्सों का चयन किया जाए और उसे सुरक्षित तरीके से पकाया जाए। हर हिस्सा समान रूप से लाभकारी नहीं होता, बल्कि कुछ हिस्से ऐसे भी हैं जो सेहत पर उल्टा असर डाल सकते हैं।

chicken health parts to avoid fit diet

किन हिस्सों से बढ़ सकता है स्वास्थ्य जोखिम

विशेषज्ञों के अनुसार, चिकन के कुछ अंग ऐसे होते हैं जिनमें अधिक मात्रा में फैट, कैलोरी या हानिकारक तत्व पाए जा सकते हैं। इन हिस्सों का नियमित सेवन वजन बढ़ाने के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म दे सकता है। कुछ अंग शरीर में जमा गंदगी को बाहर निकालने का काम करते हैं, इसलिए उन्हें खाने से बचना बेहतर माना जाता है। सही जानकारी के अभाव में लोग अक्सर स्वाद के चक्कर में ऐसे हिस्से खा लेते हैं, जो लंबे समय में नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।

चिकन की त्वचा से जुड़ी सावधानी

चिकन की स्किन को कई लोग स्वाद के कारण पसंद करते हैं, लेकिन यह हिस्सा सबसे ज्यादा फैट वाला होता है। त्वचा के नीचे सैचुरेटेड फैट और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जो वजन बढ़ाने और कोलेस्ट्रॉल स्तर को प्रभावित करने का कारण बन सकती है। यदि इसे ज्यादा तेल में पकाया जाए या तला जाए, तो इसका प्रभाव और भी नकारात्मक हो सकता है। इसलिए स्वास्थ्य के लिहाज से बिना स्किन वाला चिकन बेहतर विकल्प माना जाता है।

फेफड़ों का सेवन क्यों टालना चाहिए

चिकन के फेफड़े शरीर में हवा के साथ आने वाली धूल और बैक्टीरिया को फिल्टर करने का काम करते हैं। यही कारण है कि इस हिस्से में अशुद्धियां जमा हो सकती हैं। अगर इन्हें अच्छी तरह साफ और पकाया न जाए, तो यह शरीर में संक्रमण का कारण बन सकते हैं। हालांकि इसमें प्रोटीन मौजूद होता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता अन्य हिस्सों की तुलना में संतुलित नहीं मानी जाती।

जांघ वाला हिस्सा और बढ़ती कैलोरी

चिकन थाई या जांघ का हिस्सा स्वाद में मुलायम और रसीला होता है, इसलिए कई लोग इसे पसंद करते हैं। लेकिन यह डार्क मीट की श्रेणी में आता है, जिसमें फैट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। जो लोग वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं या फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं, उनके लिए यह हिस्सा सीमित मात्रा में ही लेना बेहतर रहता है।

आंतों में छिपा संक्रमण का खतरा

कुछ जगहों पर चिकन की आंतों का सेवन आम बात है, लेकिन इसे लेकर सावधानी जरूरी है। यदि आंतों को सही तरीके से साफ नहीं किया गया हो, तो इनमें बैक्टीरिया जैसे साल्मोनेला मौजूद हो सकते हैं, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बनते हैं। इसके अलावा, ज्यादा तेल और मसाले में पकाने से इसका असर और भी नुकसानदायक हो सकता है।

सिर और पूंछ के सीमित पोषण

चिकन का सिर और पूंछ भी कुछ लोगों द्वारा खाया जाता है, लेकिन इन हिस्सों में पोषण की मात्रा कम होती है। सिर में मांस कम होता है और यदि इसे ठीक से साफ न किया जाए, तो संक्रमण का खतरा बना रहता है। वहीं पूंछ में फैट की मात्रा अधिक होती है, जो वजन बढ़ाने में योगदान दे सकती है।

पंजों के सेवन में जरूरी सावधानी

चिकन के पंजे कई व्यंजनों में उपयोग किए जाते हैं और इनमें कोलेजन पाया जाता है, जो त्वचा और जोड़ों के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि, इनमें फैट और कैलोरी भी अधिक होती है। चूंकि ये जमीन के संपर्क में रहते हैं, इसलिए इनमें गंदगी और बैक्टीरिया होने की संभावना ज्यादा रहती है। बिना सही सफाई और पकाने के इनका सेवन सेहत पर असर डाल सकता है।

स्वस्थ विकल्प क्या हो सकते हैं

विशेषज्ञों का मानना है कि चिकन का ब्रेस्ट हिस्सा सबसे संतुलित और कम फैट वाला होता है। इसे उबालकर या ग्रिल करके खाना ज्यादा सुरक्षित और हेल्दी माना जाता है। पकाने से पहले चिकन को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है ताकि किसी भी तरह की गंदगी या खून हटाया जा सके। इसके साथ सलाद और फाइबर युक्त भोजन लेने से डाइट और भी संतुलित बनती है। गर्मियों में सीमित मात्रा में चिकन का सेवन करना बेहतर रहता है।

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