HumanTrafficking – सासाराम में नाबालिग लड़कियों की तस्करी गिरोह का हुआ खुलासा
HumanTrafficking – बिहार के रोहतास जिले के सासाराम अनुमंडल से एक गंभीर आपराधिक मामले का खुलासा हुआ है, जिसने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो किशोरियों को झांसा देकर राजस्थान ले जाता था और वहां उनकी जबरन शादी कराता था। इस मामले में अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी की गई है, जिनमें एक महिला जनप्रतिनिधि भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई एक पीड़ित किशोरी के बयान के आधार पर शुरू हुई, जिसने किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर अपने घर वापसी की।

पीड़िता के बयान से खुली पूरी साजिश
पुलिस के अनुसार, डालमियानगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी को कुछ समय पहले बहला-फुसलाकर घर से दूर ले जाया गया था। बाद में उसे राजस्थान में एक ऐसे व्यक्ति के साथ जबरन विवाह के लिए मजबूर किया गया, जो उम्र में उससे काफी बड़ा था। चार दिन पहले किशोरी किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही और अपने घर पहुंची। उसने परिवार को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी गई। इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई और गिरोह का सुराग मिला।
कई इलाकों में फैला हुआ था नेटवर्क
जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह केवल एक-दो घटनाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका दायरा काफी व्यापक था। रोहतास जिले के तिलौथू और रोहतास प्रखंड के साथ-साथ डेहरी नगर क्षेत्र के कई गांवों से लड़कियों को इसी तरह बाहर भेजे जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस को जानकारी मिली है कि सेवही, पतलूका, बहेरा, कैथी और आसपास के इलाकों में इस तरह की गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं। इसमें पुरुषों के साथ-साथ कुछ महिलाएं भी सक्रिय रूप से शामिल थीं।
पैसों के बदले कराया जाता था विवाह
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे आर्थिक लेन-देन का बड़ा खेल था। राजस्थान के एजेंट स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों को मोटी रकम देते थे, जिसके बदले वे गरीब और नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर भेजते थे। वहां पहुंचने के बाद इन लड़कियों की शादी जबरन कराई जाती थी। इस तरह के मामलों में लड़कियों की सहमति या उम्र का कोई ध्यान नहीं रखा जाता था।
तीन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
मामले की जांच के बाद पुलिस ने तिलौथू थाना क्षेत्र से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। इनमें पतलूका गांव की एक वार्ड पंच सूरजमुखी कुंवर, बबीता देवी और चैना देवी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सभी की भूमिका अलग-अलग स्तर पर रही है और उनसे पूछताछ जारी है। इसके साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस जांच जारी, और गिरफ्तारी की संभावना
डालमियानगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के अनुसार, यह मामला काफी गंभीर है और इसमें कई अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क को पूरी तरह उजागर करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ी चिंता
इस खुलासे के बाद इलाके में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। स्थानीय प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी महसूस की जा रही है, ताकि कोई भी परिवार इस तरह के झांसे में न आए।