VendingZone – देहरादून के स्मार्ट वेंडिंग जोन में उजागर हुई आवंटन गड़बड़ी
VendingZone – देहरादून के छह नंबर पुलिया क्षेत्र में बनाए गए शहर के पहले स्मार्ट वेंडिंग जोन में दुकानों के आवंटन और संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। नगर निगम की ओर से किए गए हालिया सत्यापन अभियान में पता चला कि कई दुकानें नियमों के विपरीत संचालित हो रही थीं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ दुकानों का संचालन उन लोगों के नाम पर हो रहा है जिनका निधन हो चुका है, जबकि कई दुकानें वास्तविक आवंटियों के बजाय अन्य लोग चला रहे हैं।

पार्षद की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
स्थानीय पार्षद मेहरबान सिंह भंडारी की शिकायत के बाद नगर निगम की टीम ने बुधवार को क्षेत्र में निरीक्षण अभियान चलाया। यह वेंडिंग जोन करीब छह वर्ष पहले तैयार किया गया था और यहां शहर के रेहड़ी व ठेली संचालकों को व्यवस्थित तरीके से व्यापार करने के लिए स्मार्ट दुकानें उपलब्ध कराई गई थीं। निगम रिकॉर्ड के अनुसार यहां 95 दुकानों का वैध आवंटन किया गया था।
जांच के दौरान वेंडिंग जोन के आसपास लगभग 40 अवैध ठेलियां भी संचालित होती मिलीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दुकानदारों और दस्तावेजों का मिलान किया तो कई मामलों में रिकॉर्ड और वास्तविक संचालन अलग पाया गया।
एक परिवार को कई दुकानों का आवंटन
सत्यापन में सामने आया कि कुछ मामलों में एक ही परिवार के कई सदस्यों को अलग-अलग दुकानें आवंटित कर दी गईं। जांच टीम को यह भी पता चला कि 20 से अधिक दुकानों पर वे लोग कारोबार कर रहे थे जिनके नाम पर दुकानें दर्ज नहीं हैं। पांच दुकानें ऐसे लोगों के नाम पर संचालित मिलीं जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें दूसरे लोगों को किराए पर दे रखी थीं। कुछ स्थानों पर प्रतिदिन के हिसाब से दुकानें दिहाड़ी पर भी चलाई जा रही थीं। इससे पूरे आवंटन तंत्र और निगरानी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
छह साल तक नहीं हुआ नियमित सत्यापन
नगर निगम की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि वेंडिंग जोन बनने के बाद से दुकानों का व्यवस्थित सत्यापन नहीं किया गया। इसी दौरान दुकानों की मूल संरचना में भी बड़े बदलाव कर दिए गए। कई दुकानदारों ने अपनी सुविधा के अनुसार दुकानों में अतिरिक्त ढांचा जोड़ लिया, जिससे उनकी बनावट और आकार बदल गया।
स्मार्ट वेंडिंग जोन में लगाई गई सोलर प्लेटें भी अब खराब हालत में मिलीं। कुछ स्थानों पर इन्हें ढक दिया गया था और कई दुकानों में अवैध रूप से बिजली कनेक्शन तक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी मामलों की अलग से जांच की जाएगी।
सड़क तक बढ़ाई गईं दुकानें
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि कई दुकानदारों ने निर्धारित सीमा से आगे तक दुकानें बढ़ा ली थीं। लोहे और लकड़ी के अस्थायी ढांचे लगाकर दुकानों का आकार बड़ा कर दिया गया, जिससे सड़क की जगह कम हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस कारण क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनती है और पैदल आने-जाने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
कार्रवाई के संकेत, निगम ने मांगी रिपोर्ट
मेयर सौरभ थपलियाल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि आवंटन प्रक्रिया में किसी स्तर पर अनियमितता या कर्मचारियों की भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के विरुद्ध संचालित दुकानों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आवंटन निरस्त भी किया जा सकता है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि लंबे समय तक इतनी अनियमितताएं बिना किसी प्रशासनिक हस्तक्षेप के कैसे चलती रहीं। स्थानीय लोगों ने निगम और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।