CharDhamHealth – चारधाम यात्रा में बढ़ी स्वास्थ्य चिंताएं, 32 श्रद्धालुओं की हुई मौत
CharDhamHealth – उत्तराखंड में जारी चारधाम यात्रा के बीच स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। यात्रा शुरू होने के शुरुआती 19 दिनों के भीतर अलग-अलग धामों में 32 श्रद्धालुओं की मौत दर्ज की गई है। इनमें सबसे अधिक मामले केदारनाथ धाम मार्ग से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। यात्रा शुरू होते ही बड़ी संख्या में देशभर से श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं।
केदारनाथ मार्ग पर सबसे अधिक मामले
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक हुई कुल 32 मौतों में से 17 मामले केदारनाथ धाम से जुड़े हैं। वहीं बद्रीनाथ में 7 और गंगोत्री व यमुनोत्री में 4-4 श्रद्धालुओं की मौत की सूचना मिली है।
अधिकारियों का कहना है कि इस बार केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा भीड़ पहुंची है। अब तक यहां 3 लाख 44 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। बद्रीनाथ धाम में करीब 2 लाख और गंगोत्री-यमुनोत्री में एक लाख से अधिक यात्री पहुंच चुके हैं।
ऊंचाई और स्वास्थ्य समस्याएं बनी वजह
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अधिकतर मामलों में हार्ट अटैक, सांस लेने में दिक्कत और ऊंचाई से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं सामने आई हैं। चारों धाम समुद्र तल से लगभग 3000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां ऑक्सीजन का स्तर सामान्य इलाकों की तुलना में कम होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं और पहले से बीमार लोगों को यात्रा शुरू करने से पहले स्वास्थ्य जांच जरूर करानी चाहिए। खासतौर पर हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, अस्थमा और मधुमेह से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा शुरू होने से पहले ही विस्तृत हेल्थ एडवाइजरी जारी की थी। इसमें 55 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को मेडिकल चेकअप कराने की सलाह दी गई थी।
सरकार ने यात्रियों से यात्रा के दौरान पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर और जरूरी दवाइयां साथ रखने को भी कहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम और स्वास्थ्य दोनों तेजी से प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए लापरवाही से बचना जरूरी है।
यात्रा मार्ग पर बढ़ाई गई मेडिकल सुविधाएं
राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का दावा किया है। वन मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार यात्रा रूट पर 47 विशेष अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र सक्रिय किए गए हैं।
सरकार ने करीब 400 डॉक्टरों की तैनाती की है, जिनमें 28 विशेषज्ञ चिकित्सक भी शामिल हैं। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं और मेडिकल सहायता के लिए अलग से टीमें तैनात की गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
प्रशासन ने सतर्क रहने की अपील की
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम, हल्का भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी यात्री को सांस लेने में तकलीफ, चक्कर या सीने में दर्द जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत नजदीकी मेडिकल केंद्र से संपर्क करना चाहिए।
चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहती है, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई के कारण स्वास्थ्य संबंधी सावधानी को भी उतना ही जरूरी माना जा रहा है।