उत्तर प्रदेश

Census Update – जनगणना फॉर्म के नए प्रावधानों ने बढ़ाई चर्चा

Census Update – आगामी जनगणना की तैयारियों के बीच फॉर्म में शामिल कुछ नए प्रावधान और विकल्प चर्चा का विषय बने हुए हैं। जनगणना प्रक्रिया में परिवार, मुखिया और दंपति की गणना को लेकर कई ऐसे बिंदु शामिल किए गए हैं, जो सामान्य लोगों के लिए दिलचस्प और कुछ हद तक चौंकाने वाले भी माने जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार यह फॉर्म सामाजिक और पारिवारिक संरचनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

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जनगणना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस बार परिवार की परिभाषा और उसके सदस्यों की गणना को लेकर अधिक स्पष्ट विकल्प दिए गए हैं। इसके तहत परिवार के मुखिया से लेकर दंपति की संख्या तक कई जानकारियां विस्तार से दर्ज की जाएंगी।

पत्नी की संख्या के आधार पर दंपति गणना

फॉर्म में शामिल एक सवाल यह भी है कि परिवार में कितनी पत्नियां हैं। अधिकारियों के मुताबिक अगर किसी पुरुष की दो पत्नियां हैं तो उसे “डबल फैमिली” की श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। वहीं किसी महिला के दो पति होने की स्थिति में उसे अलग श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

जनगणना अधिकारियों का कहना है कि दंपति की गणना पत्नी की संख्या के आधार पर तय की जाएगी। यानी जितनी पत्नियां होंगी, उतनी ही अलग दंपति इकाइयां मानी जाएंगी। इसका उद्देश्य पारिवारिक संरचना को सही तरीके से रिकॉर्ड करना बताया जा रहा है।

परिवार का मुखिया कोई भी सदस्य हो सकता है

फॉर्म में परिवार के मुखिया को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह जरूरी नहीं है कि परिवार का सबसे बुजुर्ग सदस्य ही मुखिया माना जाए। परिवार के सदस्य जिस व्यक्ति को मुखिया मानते हैं, उसी का नाम दर्ज किया जाएगा।

इसमें महिला सदस्य भी परिवार की मुखिया हो सकती हैं। चाहे वह पत्नी हो, दादी, बहू या बेटी। जनगणना विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुखिया तय करने के लिए उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है।

ऑनलाइन भी भर सकेंगे फॉर्म

फील्ड ट्रेनर श्रवण जायसवाल के अनुसार लोग इस बार जनगणना फॉर्म खुद भी ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर सभी सवालों के नीचे विकल्प दिए जाएंगे, जिससे लोगों को जानकारी भरने में आसानी होगी।

हालांकि ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने के बाद भी सत्यापन टीम संबंधित स्थान पर जाकर विवरण की जांच करेगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार आवासीय गणना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि रहने की स्थिति और परिवारों की वास्तविक संख्या का सही आकलन हो सके।

परिवार और आवास को लेकर खास नियम

जनगणना प्रक्रिया में परिवार की परिभाषा को लेकर भी कुछ विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। उदाहरण के तौर पर यदि कोई घरेलू कर्मचारी परिवार के साथ रह रहा है और उसी रसोई से भोजन करता है, तो उसे भी परिवार का सदस्य माना जाएगा।

इसी तरह यदि चार दोस्त एक साथ किराए के कमरे में रहते हैं, तो उन्हें एक परिवार की तरह दर्ज किया जा सकता है। वहीं दुकान या गैर-आवासीय स्थान पर रहने वालों के लिए अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन प्रावधानों का उद्देश्य देश में आवासीय स्थिति और सामाजिक ढांचे की सटीक तस्वीर तैयार करना है।

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