CDS – उत्तराखंड से लंबा जुड़ा रहा नए सैन्य प्रमुख का रिश्ता
CDS – देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त रिटायर मेजर जनरल एनएस राजा सुब्रमणि का उत्तराखंड से विशेष जुड़ाव रहा है। गढ़वाल राइफल्स के साथ लंबे समय तक सेवाएं देने के दौरान उन्होंने न सिर्फ पहाड़ी जीवन और यहां की संस्कृति को करीब से समझा, बल्कि स्थानीय जवानों के साथ गढ़वाली भाषा में संवाद कर एक अलग पहचान भी बनाई। सैन्य सेवा के दौरान उनके व्यवहार और कार्यशैली ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के बीच उन्हें बेहद सम्मान दिलाया।

सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए किए कई प्रयास
सेना में रहते हुए मेजर जनरल सुब्रमणि ने उत्तराखंड के सैनिक परिवारों और पूर्व सैनिकों के हितों से जुड़े कई कार्यों में अहम भूमिका निभाई। देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में आर्मी कैंटीन काउंटर शुरू कराने की पहल उन्हीं के प्रयासों से आगे बढ़ी। इसके अलावा देहरादून और कोटद्वार में युद्ध वीरांगनाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए स्कूलों की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान बताया जाता है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि वे हमेशा सैनिक परिवारों की जरूरतों को गंभीरता से सुनते थे।
जवानों के साथ मैदान में बिताते थे समय
रुड़की निवासी रिटायर सूबेदार आरपी भट्ट ने बताया कि वर्ष 2004 से 2006 के दौरान असम और भूटान सीमा क्षेत्र में तैनाती के समय उन्हें मेजर जनरल सुब्रमणि के साथ काम करने का अवसर मिला। उनके अनुसार वरिष्ठ अधिकारी होने के बावजूद वह जवानों के साथ पैदल गश्त पर निकलते थे और कठिन परिस्थितियों में भी उनके साथ बने रहते थे। जंगलों में ऑपरेशन के दौरान जब जवानों के शरीर पर जोंक चिपक जाती थीं, तब वह स्वयं नमक डालकर उन्हें हटाने में मदद करते थे।
देहरादून आने पर सैनिक परिवारों से मिलते थे
पूर्व सैनिकों के अनुसार एनएस राजा सुब्रमणि जब भी देहरादून आते थे तो व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद सैनिक परिवारों और रिटायर्ड जवानों से मिलने का समय जरूर निकालते थे। पिछले वर्ष वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व सैनिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। इस दौरान युवाओं की सेना भर्ती और पूर्व सैनिकों की समस्याओं को लेकर भी चर्चा हुई थी।
गढ़वाल राइफल्स से शुरू हुआ सैन्य सफर
एनएस राजा सुब्रमणि को वर्ष 1985 में गढ़वाल राइफल्स की आठवीं बटालियन में कमीशन मिला था। बाद में उन्होंने 16 गढ़वाल राइफल्स में भी सेवाएं दीं। अपने चार दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने देश के कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभाईं। असम में ऑपरेशन राइनो के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनकी भूमिका को भी अहम माना जाता है।
30 मई को संभालेंगे नई जिम्मेदारी
मेजर जनरल एनएस राजा सुब्रमणि 30 मई को देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले वह 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक थल सेना के उप-प्रमुख के पद पर कार्य कर चुके हैं। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि उनका लंबा सैन्य अनुभव और जमीनी स्तर पर काम करने की शैली नई जिम्मेदारी में भी अहम साबित होगी।