Playoffs Race – आईपीएल 2026 में कई टीमों पर बढ़ा बाहर होने का खतरा
Playoffs Race – आईपीएल 2026 का लीग चरण अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां हर मुकाबला प्लेऑफ की तस्वीर बदल रहा है। रविवार को हुए मैचों के बाद दो टीमों का सफर लगभग समाप्त माना जा रहा है, जबकि कुछ अन्य फ्रेंचाइजियां अभी भी गणितीय उम्मीदों के सहारे टूर्नामेंट में बनी हुई हैं। अंक तालिका में लगातार बदलते समीकरणों ने अंतिम चार में जगह बनाने की जंग को बेहद रोमांचक बना दिया है।

मुंबई और लखनऊ की उम्मीदें खत्म
मौजूदा सीजन में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। दोनों टीमों को अब तक 11 मुकाबलों में आठ हार का सामना करना पड़ा है। सिर्फ तीन जीत के साथ दोनों फ्रेंचाइजियां अंक तालिका में काफी पीछे रह गई हैं।
हालांकि दोनों टीमों के पास अभी तीन-तीन मैच बाकी हैं, लेकिन सभी मुकाबले जीतने के बाद भी उनके लिए प्लेऑफ में पहुंचना संभव नहीं माना जा रहा। अंक तालिका की स्थिति और अन्य टीमों के प्रदर्शन को देखते हुए दोनों के लिए आगे का रास्ता बंद हो चुका है। इस स्थिति ने टूर्नामेंट में प्रतिस्पर्धा को और तेज कर दिया है, क्योंकि बाकी टीमें अब अंतिम चार स्थानों के लिए संघर्ष कर रही हैं।
दिल्ली कैपिटल्स पर बढ़ा दबाव
दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति भी फिलहाल काफी नाजुक दिखाई दे रही है। अक्षर पटेल की कप्तानी में टीम ने कुछ मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन लगातार हार ने उसकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिल्ली अब तक सात मैच गंवा चुकी है और केवल चार जीत हासिल कर सकी है।
टीम के पास अभी तीन मुकाबले शेष हैं, लेकिन सिर्फ जीत काफी नहीं होगी। दिल्ली को अपने बाकी मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे और साथ ही दूसरी टीमों के परिणामों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। अगर टीम अगला एक भी मुकाबला हारती है, तो उसका प्लेऑफ में पहुंचने का रास्ता लगभग बंद हो जाएगा।
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि 12 अंकों के साथ क्वालीफाई करना इस सीजन में बेहद कठिन होगा, क्योंकि कई टीमें पहले ही मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी हैं। ऐसे में दिल्ली के लिए हर मैच अब करो या मरो जैसा बन गया है।
कोलकाता की राह भी आसान नहीं
कोलकाता नाइट राइडर्स भी उन टीमों में शामिल है, जिन पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। टीम ने अब तक 10 मैचों में चार जीत दर्ज की हैं, जबकि पांच मुकाबलों में हार मिली है। एक मैच का परिणाम नहीं निकल सका था, जिससे टीम को एक अंक मिला।
फिलहाल केकेआर के पास चार मैच बाकी हैं और यही उसके लिए राहत की बात है। हालांकि टीम अगर इनमें से दो मुकाबले हार जाती है, तो उसके लिए आगे बढ़ना लगभग असंभव हो जाएगा। उस स्थिति में टीम अधिकतम 13 अंक तक ही पहुंच पाएगी, जो प्लेऑफ की दौड़ में पर्याप्त नहीं माने जा रहे।
नेट रन रेट भी बन सकता है परेशानी
केकेआर के सामने सिर्फ जीत की चुनौती नहीं है, बल्कि नेट रन रेट भी चिंता का विषय बना हुआ है। अगर टीम चार में से तीन मुकाबले जीतती है और 15 अंकों तक पहुंचती है, तब भी उसे अन्य टीमों के नतीजों का इंतजार करना पड़ सकता है।
इस समय अंक तालिका में कई टीमें 13 या उससे अधिक अंकों के साथ मजबूत स्थिति में हैं। ऐसे में यदि वे अपने आगामी मुकाबलों में जीत दर्ज करती हैं, तो क्वालीफिकेशन की दौड़ और कठिन हो जाएगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ मैच प्लेऑफ की तस्वीर पूरी तरह साफ कर सकते हैं।