DalCooking – होटल जैसी अरहर दाल बनाने के लिए जानें आसान पानी माप का तरीका
DalCooking – अरहर की दाल भारतीय रसोई का अहम हिस्सा मानी जाती है। दाल-चावल हो या रोटी, ज्यादातर घरों में यह रोजाना बनने वाले खाने में शामिल रहती है। कई लोग इसे सादा पसंद करते हैं तो कुछ लोग घी और मसालों का तड़का लगाकर खाना पसंद करते हैं। हालांकि घर पर दाल बनाते समय अक्सर एक समस्या सामने आती है, कभी दाल बहुत पतली बन जाती है तो कभी जरूरत से ज्यादा गाढ़ी।

खाना बनाने के जानकारों का मानना है कि स्वादिष्ट और संतुलित दाल का सबसे बड़ा राज सही मात्रा में पानी डालना होता है। अगर पानी का अनुपात सही हो, तो दाल का स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं।
सही पानी का माप क्यों जरूरी
कई लोग दाल बनाते समय अंदाज से पानी डालते हैं, जिसकी वजह से दाल की कंसिस्टेंसी बिगड़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर दाल बहुत पतली हो जाती है, जबकि कम पानी में दाल ठीक से गल नहीं पाती और तली में लगने का खतरा बढ़ जाता है।
अगर लगभग पांच लोगों के लिए अरहर की दाल बनाई जा रही हो, तो करीब पांच मुट्ठी दाल के लिए तीन से साढ़े तीन गिलास पानी उपयुक्त माना जाता है। इस मात्रा में दाल अच्छी तरह पकती है और उसका गाढ़ापन संतुलित रहता है। यही तरीका कई ढाबों और बड़े रसोइयों में भी अपनाया जाता है।
दाल पकाते समय यह चीज डालना फायदेमंद
दाल में पानी डालने के बाद नमक और हल्दी मिलाना सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है। लेकिन कई अनुभवी रसोइये इसमें थोड़ा सरसों का तेल भी डालने की सलाह देते हैं।
कहा जाता है कि एक से दो चम्मच सरसों का तेल डालने से दाल पकते समय कुकर से बाहर नहीं निकलती। इसके अलावा इससे स्वाद में भी हल्का बदलाव आता है, जो कई लोगों को पसंद आता है।
कुकर में कितनी सीटी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, दाल को मध्यम आंच पर तीन से चार सीटी तक पकाना पर्याप्त माना जाता है। इसके बाद कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने देना चाहिए।
अगर दाल ज्यादा पतली पसंद हो तो बाद में थोड़ा गर्म पानी मिलाया जा सकता है। वहीं गाढ़ी दाल पसंद करने वाले लोग शुरुआत में पानी की मात्रा थोड़ी कम रख सकते हैं। यह पूरी तरह खाने की पसंद पर निर्भर करता है।
दाल को घोटने से बढ़ता है स्वाद
दाल पकने के बाद उसे कुछ मिनट अच्छी तरह चलाना या हल्का घोटना भी जरूरी माना जाता है। इससे दाल का टेक्सचर और स्वाद बेहतर हो जाता है।
खाना बनाने के जानकारों का कहना है कि घी, जीरा और हींग का तड़का दाल के स्वाद को और बढ़ा देता है। कई लोग इसमें लहसुन और सूखी लाल मिर्च का इस्तेमाल भी करते हैं, जिससे दाल की खुशबू और स्वाद दोनों बेहतर हो जाते हैं।
छोटी गलतियों से बिगड़ सकता है स्वाद
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दाल बनाने से पहले उसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए। साथ ही ज्यादा तेज आंच पर दाल पकाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दाल नीचे लग सकती है और स्वाद प्रभावित हो सकता है।
सही पानी, संतुलित मसाले और पकाने के सही समय का ध्यान रखा जाए तो घर पर भी होटल जैसी स्वादिष्ट अरहर दाल आसानी से तैयार की जा सकती है।