LiquorBan – तमिलनाडु में धार्मिक और शैक्षणिक क्षेत्रों के पास शराब दुकानों पर सख्ती
LiquorBan – तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने पद संभालते ही प्रशासनिक फैसलों की तेज शुरुआत कर दी है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने राज्य में शराब बिक्री को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, स्कूलों और प्रमुख बस अड्डों के आसपास 500 मीटर की सीमा के भीतर मौजूद सभी सरकारी शराब दुकानों को बंद किया जाए। सरकार ने इस फैसले को लागू करने के लिए दो सप्ताह की समयसीमा तय की है।

शपथ के साथ ही दिखी तेज प्रशासनिक सक्रियता
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में ही संकेत दे दिए थे कि उनकी सरकार चुनावी वादों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करेगी। शपथ समारोह के मंच पर ही उन्होंने कई अहम फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सबसे चर्चित फैसला घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का रहा। इस घोषणा को आम जनता के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस
सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी नया कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर पर एक विशेष टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य महिलाओं से जुड़े अपराधों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना होगा। अधिकारियों के अनुसार यह विशेष इकाई पुलिस और सामाजिक विभागों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि संवेदनशील मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा सके।
नशे की समस्या से निपटने की तैयारी
राज्य में बढ़ती नशे की समस्या को देखते हुए सरकार ने हर जिले में अलग विशेष बल गठित करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी कारण शराब और अन्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर नियंत्रण के लिए प्रशासन को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि धार्मिक और शैक्षणिक क्षेत्रों के आसपास शराब दुकानों को बंद करने का फैसला इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है।
सामाजिक संगठनों ने फैसले का किया स्वागत
मुख्यमंत्री के इस फैसले को कई सामाजिक और अभिभावक संगठनों ने सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि स्कूलों और पूजा स्थलों के आसपास शराब की दुकानों की मौजूदगी लंबे समय से विवाद का विषय रही है। स्थानीय स्तर पर कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। अब सरकार के आदेश के बाद लोगों को उम्मीद है कि सार्वजनिक स्थानों का माहौल अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगा।
प्रशासन को दिए गए सख्त निर्देश
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित विभागों से जल्द रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि तय समय के भीतर सभी प्रभावित दुकानों को बंद किया जाए या वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। सरकार इस फैसले के प्रभाव की निगरानी के लिए अलग समीक्षा तंत्र भी तैयार कर रही है।