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FederalReserve – केविन वार्श बने अमेरिकी केंद्रीय बैंक के नए चेयरमैन

FederalReserve – अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित केविन वार्श की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। अब वह अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालेंगे। सीनेट में मतदान के दौरान उनके पक्ष में 54 वोट पड़े, जबकि 45 सांसदों ने विरोध किया। 56 वर्षीय वार्श अब जेरोम पॉवेल की जगह लेंगे, जो लंबे समय से अमेरिकी मौद्रिक नीति के केंद्र में रहे हैं।

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आर्थिक चुनौतियों के बीच नई जिम्मेदारी

केविन वार्श ऐसे समय में फेडरल रिजर्व की कमान संभाल रहे हैं, जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है। महंगाई दर लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों पर दबाव बढ़ा दिया है। फेड का 2 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य पिछले कई वर्षों से हासिल नहीं हो पाया है। ऐसे में अब निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर नई नेतृत्व टीम की नीतियों पर टिकी हुई है।

ट्रंप और फेड के रिश्तों पर फिर चर्चा

वार्श की नियुक्ति के बाद एक बार फिर राष्ट्रपति ट्रंप और फेडरल रिजर्व के संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ट्रंप पहले भी ब्याज दरों को लेकर फेड की आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से दरों में कटौती की मांग की थी। अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वार्श स्वतंत्र रूप से फैसले ले पाएंगे या फिर उन पर राजनीतिक दबाव रहेगा।

ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें

व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकारों का मानना है कि वार्श के नेतृत्व में आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख देखने को मिल सकता है। बाजार में यह उम्मीद जताई जा रही है कि यदि आर्थिक हालात अनुकूल रहे तो फेड दरों में कटौती की दिशा में कदम उठा सकता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई और वैश्विक तनाव को देखते हुए फेड के लिए संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होगा।

तेल कीमतों और महंगाई से बढ़ी चिंता

अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितताओं ने ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। पेट्रोल और ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर महंगाई पर साफ दिखाई दे रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार अमेरिका में मुद्रास्फीति दर बढ़कर करीब 3.8 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में फेड के सामने चुनौती यह होगी कि वह आर्थिक विकास और महंगाई नियंत्रण के बीच संतुलन कैसे बनाए।

पहले भी नीतियों के आलोचक रहे हैं वार्श

केविन वार्श पहले भी फेडरल रिजर्व की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने महामारी के बाद बढ़ी महंगाई को लेकर केंद्रीय बैंक की रणनीति की आलोचना की थी। वार्श का मानना रहा है कि ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों को लेकर फेड को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी संवाद अपनाना चाहिए। अब चेयरमैन बनने के बाद उनकी नीतियों पर वैश्विक बाजार की नजर रहेगी।

निजी निवेश को लेकर भी उठे सवाल

नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान वार्श की निजी संपत्ति और निवेश को लेकर भी चर्चा हुई। कुछ सांसदों ने संभावित हितों के टकराव पर सवाल उठाए थे। हालांकि वार्श ने स्पष्ट किया है कि वह पद संभालने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर ऐसे निवेशों से खुद को अलग कर देंगे। इस बीच जेरोम पॉवेल के फेड बोर्ड में बने रहने की संभावना ने भी आर्थिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

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