बिहार

PoliticalAttack – विधायक ज्योति मांझी पर हमले को लेकर बढ़ा सियासी विवाद

PoliticalAttack – केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बाराचट्टी विधायक ज्योति मांझी के साथ हुई कथित बदसलूकी और हमले की घटना को लेकर राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोमवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा राज्यभर में आंदोलन शुरू करेगी।

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मांझी ने खास तौर पर मोहनपुर थाना पुलिस की भूमिका पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि अगर विधायक के साथ पर्याप्त सुरक्षा मौजूद रहती, तो स्थिति इस स्तर तक नहीं पहुंचती। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय सुरक्षा स्कॉर्ट उपलब्ध कराने से मना कर दिया गया था।

पुलिस पर लापरवाही के आरोप

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने वाहन में ईंधन नहीं होने का हवाला देकर सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तब वाहन में ईंधन कैसे उपलब्ध हो गया। मांझी का कहना था कि समय रहते कार्रवाई होती तो हमलावरों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था।

उन्होंने यह भी कहा कि महादलित समाज से आने वाली विधायक होने के कारण ज्योति मांझी को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

घटना के बाद कई इलाकों में छापेमारी

विवाद बढ़ने के बाद रविवार रात से ही मोहनपुर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद से छापेमारी अभियान शुरू किया गया। पुलिस ने गंभीरा गांव और आसपास के इलाकों में कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों से पूछताछ की है।

सूत्रों के मुताबिक लाडू और लालमाटी सहित कई गांवों में दबिश दी गई। पूछताछ के लिए करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

साइड देने के विवाद से शुरू हुआ मामला

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह विवाद सड़क पर वाहन को साइड देने को लेकर शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि कौलेश्वरी मंदिर जा रहे कुछ लोगों और विधायक के काफिले के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई।

आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने विधायक ज्योति मांझी के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके सुरक्षाकर्मियों तथा चालक के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

एनडीए कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध

सोमवार को मोहनपुर बाजार में एनडीए कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस घटना की निंदा की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं माना जा सकता।

बैठक में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस की देरी से कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सूचना मिलने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

इस बैठक में स्थानीय नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। सभी ने कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

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