CabinetReview – मंत्रियों के कामकाज पर पीएम मोदी ने की बड़ी समीक्षा बैठक
CabinetReview – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश दौरे से लौटने के तुरंत बाद केंद्र सरकार के कामकाज की समीक्षा को लेकर एक अहम बैठक की। दिल्ली में आयोजित इस लंबी मंत्रिपरिषद बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने से पहले हुई इस समीक्षा बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में मंत्रालयों की कार्यप्रणाली, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से जुड़े मामलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी वजह से राजनीतिक हलकों में संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।
मंत्रालयों के प्रदर्शन की हुई समीक्षा
करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में कैबिनेट सचिव और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग मंत्रालयों के कामकाज पर प्रस्तुति दी। समीक्षा के दौरान यह देखा गया कि कौन से विभाग समय पर फैसले ले रहे हैं और किन मंत्रालयों में प्रशासनिक प्रक्रियाएं धीमी हैं।
बताया जा रहा है कि सरकारी फाइलों के निस्तारण की गति और जनता की शिकायतों के समाधान को प्रमुख आधार बनाया गया। इन मानकों के अनुसार मंत्रालयों का प्रदर्शन आंका गया और बेहतर तथा कमजोर कामकाज वाले विभागों की अलग-अलग सूची तैयार की गई।
जन शिकायतों के समाधान पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने खास तौर पर जन शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे आम लोगों को कम से कम परेशानी हो और जरूरी फैसले समय पर लिए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि फाइलें अनावश्यक देरी का शिकार न हों। साथ ही अधिकारियों और मंत्रियों को प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
कमजोर प्रदर्शन वाले विभागों को संदेश
सूत्रों के मुताबिक, जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं पाया गया, उन्हें कार्यशैली में सुधार लाने की सलाह दी गई। प्रधानमंत्री ने विभागों से उत्पादकता बढ़ाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा।
बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना आने वाले समय की प्राथमिकता होगी। इसके लिए डिजिटल सिस्टम, समयबद्ध निपटान और बेहतर निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं तेज
सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने से पहले हुई इस समीक्षा बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें भी बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि प्रदर्शन के आधार पर कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है।
हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन समीक्षा प्रक्रिया को आगामी प्रशासनिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार अगले चरण में प्रदर्शन आधारित जवाबदेही पर अधिक ध्यान दे सकती है।
कई अहम मंत्रालयों ने पेश किया ब्यौरा
बैठक में कृषि, सड़क परिवहन, ऊर्जा, विदेश, वाणिज्य और श्रम जैसे प्रमुख मंत्रालयों ने पिछले दो वर्षों के कामकाज की जानकारी साझा की। विभिन्न विभागों ने योजनाओं की प्रगति, निवेश, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर रिपोर्ट प्रस्तुत की।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि सरकार की नीतियों का अंतिम उद्देश्य आम नागरिक के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाना होना चाहिए। उन्होंने ‘ईज ऑफ लिविंग’ को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया।
विकसित भारत लक्ष्य पर फिर जोर
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह केवल दीर्घकालिक योजना नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने का संकल्प है।
सरकार का फोकस आर्थिक विकास के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार, सेवा वितरण और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहेगा। इसी दिशा में मंत्रालयों के प्रदर्शन की लगातार समीक्षा जारी रखने की बात भी कही गई।