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NEETReforms – नीट परीक्षा प्रणाली में शुरू हुई बड़े बदलाव की तैयारी

NEETReforms – राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी NTA अब नीट-यूजी परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार ने संसदीय समिति को जानकारी दी है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई नए सुधार लागू किए जाएंगे। प्रस्तावित बदलावों में उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा तय करना और परीक्षा देने के प्रयासों की संख्या सीमित करना भी शामिल है।

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सरकार के अनुसार, ये सुधार पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं। हाल के विवादों और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने की दिशा में काम तेज किया गया है।

परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी

संसदीय समिति के सामने दी गई प्रस्तुति में NTA ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की योजना साझा की। एजेंसी अब पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली की ओर बढ़ने की तैयारी कर रही है।

इसके साथ ही भविष्य में बहु-सत्रीय और बहु-चरणीय परीक्षा व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा संचालन आसान होगा और सुरक्षा जोखिम भी कम किए जा सकेंगे।

आयु सीमा और प्रयासों पर चर्चा

फिलहाल नीट-यूजी में न्यूनतम आयु सीमा 17 वर्ष निर्धारित है, लेकिन अधिकतम आयु या प्रयासों की संख्या को लेकर कोई सीमा लागू नहीं है। अब सरकार इन दोनों मुद्दों पर नई नीति बनाने की तैयारी में है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित प्रयास और आयु सीमा तय होने से परीक्षा प्रक्रिया अधिक संतुलित हो सकती है। हालांकि कुछ शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि यदि ऐसे नियम लागू किए जाते हैं तो छात्रों को पहले पर्याप्त समय और स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाने चाहिए।

सुरक्षा व्यवस्था को किया जा रहा मजबूत

राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को दो चरणों में लागू किया जा रहा है। पहले चरण में परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई तकनीकी उपाय लागू किए गए हैं। इनमें बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी और मोबाइल जैमर जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग भी शुरू किया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान समय रहते की जा सके। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाना प्राथमिकता है।

भविष्य में आएंगे तकनीकी बदलाव

दूसरे चरण में क्लाउड आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर और ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों को जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे परीक्षा डेटा की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तकनीकी प्रणाली को अधिक समन्वित बनाया जा सकता है। इसके लिए NTA अपनी डिजिटल क्षमता भी बढ़ा रहा है।

परीक्षा रद्द होने के बाद बढ़ी चिंता

हाल ही में नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठे थे। परीक्षा से जुड़े कुछ प्रश्न कथित तौर पर पहले से प्रसारित सामग्री से मेल खाने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की और परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया।

NTA ने संसदीय समिति को बताया कि यह मामला सीधे पेपर लीक का नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और कदाचार से जुड़ा था। जांच के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया।

कई लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी

जांच एजेंसियों ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कोचिंग संचालक और पूर्व शिक्षण विशेषज्ञ शामिल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में तकनीकी सुधार और सख्त निगरानी व्यवस्था से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

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