PowerDemand – भीषण गर्मी के बीच देश में बिजली खपत ने तोड़े रिकॉर्ड
PowerDemand – देशभर में जारी तेज गर्मी और लू के कारण बिजली की मांग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है। मई 2026 में पहली बार भारत की पीक पावर डिमांड 270 गीगावॉट से अधिक दर्ज की गई। लगातार बढ़ते तापमान के चलते एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के इस्तेमाल में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे राष्ट्रीय पावर ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है।

लगातार कई दिनों तक बना नया रिकॉर्ड
ऊर्जा मंत्रालय और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार दिनों से बिजली की खपत लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। 21 मई को दोपहर के समय मांग 270.82 गीगावॉट तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
इससे पहले 18 मई को 257 गीगावॉट से अधिक मांग दर्ज हुई थी। अगले ही दिनों में यह आंकड़ा लगातार बढ़ता गया। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर और मध्य भारत में पड़ रही भीषण गर्मी इसकी मुख्य वजह है।
सरकार ने नागरिकों से की संयम की अपील
बढ़ते दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने लोगों से बिजली का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। ऊर्जा मंत्रालय ने कहा है कि फिलहाल देश में बिजली उत्पादन और कोयले का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, लेकिन दोपहर के पीक आवर्स में खपत अचानक बढ़ने से ग्रिड पर दबाव बढ़ जाता है।
सरकार ने विशेष रूप से दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बिजली उपकरण बंद रखने और एयर कंडीशनर का संतुलित इस्तेमाल करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों का सहयोग मिलने पर सप्लाई व्यवस्था को स्थिर बनाए रखना आसान होगा।
कई राज्यों में लू को लेकर रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों में गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है। राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट लागू है। कुछ इलाकों में तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
विदर्भ, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बिजली आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी
ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि बिजली उत्पादन केंद्रों में कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल आपूर्ति बाधित होने जैसी स्थिति नहीं है। सरकार ने एहतियात के तौर पर कुछ तापीय बिजली संयंत्रों के निर्धारित रखरखाव कार्यों को अस्थायी रूप से टाल दिया है ताकि उत्पादन लगातार जारी रह सके।
सौर ऊर्जा भी इस समय बिजली आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दिन के समय सोलर पावर उत्पादन से ग्रिड को अतिरिक्त सहायता मिल रही है, जिससे दबाव कम करने में मदद मिली है।
विशेषज्ञों ने दी ऊर्जा बचत की सलाह
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गर्मी का यह दौर लंबे समय तक जारी रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग और बढ़ सकती है। उन्होंने लोगों को ऊर्जा दक्ष उपकरणों के इस्तेमाल और गैरजरूरी बिजली खपत कम करने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घरों और दफ्तरों में तापमान नियंत्रित रखने के लिए प्राकृतिक वेंटिलेशन, कम बिजली खपत वाले उपकरण और निर्धारित समय पर उपयोग जैसी आदतें भविष्य में बिजली संकट की आशंकाओं को कम कर सकती हैं।