MedicalCollege – दून मेडिकल कॉलेज में मेस विवाद के बीच छुट्टियां घोषित
MedicalCollege – उत्तराखंड के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में मेस संचालन को लेकर विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को मेस में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के बीच डॉक्टरों और मेस संचालक के बीच तीखी बहस देखने को मिली। हालात ऐसे बने कि मेस सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी, जिससे छात्र-छात्राओं को बाहर से भोजन की व्यवस्था करनी पड़ी। इसी बीच कॉलेज प्रशासन ने हीट वेव का हवाला देते हुए 10 दिनों की छुट्टी घोषित कर दी है।

मामले की शुरुआत तब हुई जब कुछ छात्रों और डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि मेस के एक कर्मचारी ने खाने के नाम पर छात्रों से करीब 30 हजार रुपये अतिरिक्त वसूले। इसको लेकर डॉक्टरों ने कड़ा विरोध जताया और मेस संचालक से मांग की कि संबंधित मैनेजर के माध्यम से छात्रों के पैसे वापस कराए जाएं। विवाद बढ़ने पर कॉलेज परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
मेस भुगतान को लेकर टकराव
मेस संचालक ने अपनी सफाई में कहा कि उसका करीब छह महीने का भुगतान अब तक लंबित है। उसके मुताबिक कॉलेज प्रशासन की ओर से अनुबंध के अनुसार भुगतान नहीं किया गया, जिससे संचालन प्रभावित हुआ है। संचालक ने यह भी दावा किया कि उसने संबंधित मैनेजर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस और तेज हो गई।
छात्रों पर पड़ा सीधा असर
मेस बंद होने के कारण शुक्रवार दोपहर और रात में छात्रों को बाहर से भोजन मंगवाना पड़ा। कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि अचानक व्यवस्था ठप होने से परेशानी बढ़ गई। अब अधिकांश छात्र शनिवार से अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। कॉलेज प्रशासन द्वारा घोषित छुट्टियों के बाद हॉस्टल खाली होने लगे हैं।
छुट्टियों के साथ परीक्षा भी टली
कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने 25 मई से 3 जून तक छुट्टियों की घोषणा की है। प्रशासन ने इसके पीछे भीषण गर्मी और हीट वेव की स्थिति को वजह बताया है। इस दौरान होने वाली टर्म परीक्षाएं भी फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं। प्राचार्य ने जांच समिति को जल्द रिपोर्ट सौंपने और मेस के लिए नए टेंडर की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।
देहरादून अस्पताल अग्निकांड की जांच तेज
इधर, देहरादून स्थित पैनेसिया अस्पताल में हाल ही में हुए अग्निकांड की जांच भी तेज हो गई है। प्रशासनिक टीम ने शुक्रवार को अस्पताल पहुंचकर परिसर को सील कर दिया। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार समेत पांच स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का अस्थायी पंजीकरण भी रद्द कर दिया है।
20 मई को अस्पताल में एसी फटने के बाद आग लग गई थी, जिसमें एक महिला मरीज की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे। मृतक महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर अग्निसुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है।
अधिकारियों की संयुक्त टीम पहुंची मौके पर
एसडीएम अपूर्वा सिंह, सीएमओ डॉ. मनोज शर्मा और पुलिस अधिकारियों की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने तक अस्पताल में सामान्य गतिविधियां बंद रहेंगी। घायल मरीजों का इलाज फिलहाल कैलाश अस्पताल में कराया जा रहा है।