झारखण्ड

ElectionUpdate – झारखंड राज्यसभा चुनाव को लेकर तेज हुई सियासी हलचल

ElectionUpdate – झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुट गए हैं। चुनाव की तारीख 18 मई तय होने के बाद से ही राजनीतिक दलों के बीच बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर लगातार जारी है। इस बार का चुनाव केवल सीटों का मुकाबला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य की राजनीतिक ताकत और गठबंधन की एक बड़ी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

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विधानसभा संख्या बल ने बढ़ाई दिलचस्पी

राज्यसभा की जिन दो सीटों पर चुनाव होना है, उनमें एक सीट झामुमो संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद रिक्त हुई थी। दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल पूरा होने के कारण खाली हो रही है। इन दोनों सीटों पर होने वाला चुनाव अब सत्ता और विपक्ष के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में किसी उम्मीदवार को जीत के लिए प्रथम वरीयता के कम से कम 27 वोटों की आवश्यकता होगी। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार झामुमो के पास 34 विधायक हैं, जिससे गठबंधन की एक सीट लगभग सुरक्षित मानी जा रही है। इसी वजह से पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। पार्टी से जुड़े पुराने और भरोसेमंद नेताओं के नामों पर विचार किया जा रहा है।

संभावित उम्मीदवारों को लेकर अटकलें

झामुमो की ओर से जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें पार्टी की ओडिशा प्रभारी अंजनी सोरेन और महासचिव विनोद कुमार पांडेय प्रमुख बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक किसी नाम पर औपचारिक घोषणा नहीं की है। माना जा रहा है कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व की सहमति से ही लिया जाएगा।

दूसरी ओर कांग्रेस भी गठबंधन के भीतर अपनी दावेदारी मजबूत बनाए हुए है। कांग्रेस पहले ही एक सीट पर दावा जता चुकी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यदि कांग्रेस को उम्मीदवार उतारने का मौका मिलता है तो उद्योगपति और राज्यसभा सांसद धीरज साहू का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल हो सकता है। हाल के दिनों में उनकी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेतृत्व से हुई मुलाकातों ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी है।

विपक्ष भी बना रहा रणनीति

भाजपा की नजर भी इस चुनाव पर टिकी हुई है। पार्टी के पास फिलहाल 21 विधायक हैं और वह सहयोगी दलों के समर्थन के सहारे मुकाबले को रोचक बनाने की तैयारी में है। भाजपा खेमे में पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के नाम की चर्चा चल रही है। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है।

विधानसभा में कांग्रेस के 16, राजद के चार और भाकपा-माले के दो विधायक हैं। वहीं आजसू, जदयू और लोजपा (रामविलास) के पास एक-एक विधायक हैं। ऐसे में संख्या बल के आधार पर इंडिया गठबंधन खुद को मजबूत स्थिति में मान रहा है। गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जबकि दोनों सीटें जीतने के लिए 54 वोटों की जरूरत होगी।

चुनावी गणित पर टिकी निगाहें

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि फिलहाल आंकड़ों में इंडिया गठबंधन मजबूत दिख रहा है, लेकिन राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग और अंतिम समय की रणनीतियां अक्सर समीकरण बदल देती हैं। यही वजह है कि सभी दल अपने विधायकों को एकजुट रखने और संभावित असंतोष को संभालने में लगे हुए हैं।

आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा के साथ झारखंड की राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना है। फिलहाल राज्य की सियासत पूरी तरह राज्यसभा चुनाव के इर्द-गिर्द केंद्रित नजर आ रही है।

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