उत्तर प्रदेश

TrafficPlan – अयोध्या रोड पर जाम कम करने की तैयारी तेज

TrafficPlan – लखनऊ के व्यस्ततम मार्गों में शामिल अयोध्या रोड और उससे जुड़े प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए व्यापक योजना पर काम शुरू हो गया है। बढ़ते वाहन दबाव और रोजाना लगने वाले जाम को देखते हुए संबंधित विभागों ने कई संरचनात्मक और तकनीकी विकल्पों का अध्ययन शुरू किया है। प्रस्तावित योजना का उद्देश्य प्रमुख मार्गों पर आवागमन को सुगम बनाना और यात्रा समय को कम करना है।

ayodhya road traffic relief plan

कमता तिराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा, अयोध्या रोड और शहीद पथ क्षेत्र लंबे समय से ट्रैफिक दबाव का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से कार्यालय समय और शाम के व्यस्त घंटों में इन इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें देखी जाती हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न परियोजनाओं की व्यवहार्यता जांच की जा रही है।

फ्लाईओवर और अंडरपास पर चल रहा अध्ययन

यातायात विशेषज्ञों और संबंधित एजेंसियों द्वारा कमता तिराहे पर फ्लाईओवर या ग्रेड सेपरेटर बनाने की संभावनाओं का परीक्षण किया जा रहा है। इसके साथ ही अंडरपास निर्माण को लेकर भी तकनीकी मूल्यांकन जारी है।

अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रस्तावित ढांचागत परियोजनाएं मंजूरी प्राप्त कर लेती हैं, तो पूर्वी लखनऊ के बड़े हिस्से में यातायात का दबाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे प्रमुख चौराहों पर रुकावटें घटेंगी और वाहन अपेक्षाकृत सहज गति से आगे बढ़ सकेंगे।

स्मार्ट तकनीक से सुधरेगी व्यवस्था

योजना में आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन तकनीकों को भी शामिल किया गया है। इसके तहत इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और एडाप्टिव सिग्नल तकनीक को लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

यह प्रणाली सड़क पर मौजूद वाहनों की संख्या के अनुसार सिग्नलों का समय स्वतः निर्धारित करेगी। इससे ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा और अनावश्यक प्रतीक्षा समय कम किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी तकनीकें महानगरों में जाम कम करने में प्रभावी साबित हो रही हैं।

सिग्नल फ्री कॉरिडोर की दिशा में पहल

यातायात विभाग ने कमता से पॉलिटेक्निक और आगे अयोध्या रोड तक सिग्नल फ्री आवागमन का प्रस्ताव भी रखा है। इसके लिए सड़क संरचना में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।

योजना के तहत स्लिप रोड, अलग टर्निंग लेन और जंक्शन डिजाइन में सुधार जैसे उपायों पर विचार किया जा रहा है। इससे चौराहों पर वाहनों की भीड़ कम होगी और यात्रा का समय घट सकता है।

सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने पर जोर

यातायात सुधार योजना में सड़क चौड़ीकरण को भी प्रमुखता दी गई है। संबंधित एजेंसियां ऐसे स्थानों की पहचान कर रही हैं जहां अतिरिक्त लेन विकसित की जा सकती हैं।

इसके अलावा अतिक्रमण मुक्त कॉरिडोर तैयार करने और सड़क किनारे मौजूद बाधाओं को हटाने की भी तैयारी है। अधिकारियों का मानना है कि सड़क की उपलब्ध चौड़ाई का प्रभावी उपयोग करने से ट्रैफिक दबाव कम किया जा सकता है।

पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी प्राथमिकता

प्रस्ताव में पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को भी शामिल किया गया है। इसके तहत फुट ओवर ब्रिज निर्माण और पैदल पारपथों को बेहतर बनाने की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित पैदल ढांचा विकसित होने से सड़क पार करने के दौरान होने वाली रुकावटें कम होंगी और वाहन यातायात भी अधिक व्यवस्थित रहेगा।

सर्वे रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगा काम

लखनऊ विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभाग फिलहाल तकनीकी सर्वे तथा व्यवहार्यता अध्ययन पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजनाओं की प्राथमिकता और क्रियान्वयन की दिशा तय की जाएगी।

यदि प्रस्तावित योजनाएं अमल में आती हैं तो राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल अयोध्या रोड और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिल सकता है।

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