RiverSafety – ऋषिकेश में गंगा के तेज बहाव में लापता हुए तीन पर्यटक
RiverSafety – ऋषिकेश में गंगा नदी में नहाने के दौरान हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। रविवार को दिल्ली से घूमने आए एक दंपति सहित तीन लोग गंगा के तेज बहाव में बह गए। देर शाम तक एसडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय बचाव दलों ने तलाश अभियान चलाया, लेकिन लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका।

घटनाओं के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि प्रशासन ने सोमवार को फिर से व्यापक स्तर पर खोज अभियान चलाने की बात कही है।
नावघाट क्षेत्र में दंपति बहा
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के नजफगढ़ निवासी मनीष अपनी पत्नी जानकी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। रविवार शाम वे नावघाट क्षेत्र में गंगा में स्नान करने उतरे। शुरुआती तौर पर नदी का बहाव सामान्य प्रतीत हो रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों गहरे पानी और तेज धारा की चपेट में आ गए।
परिजनों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते दोनों नदी में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से कई घंटों तक खोजबीन की गई, मगर सफलता नहीं मिल सकी।
अंधेरा होने से रोका गया अभियान
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रात होने और दृश्यता कम होने के कारण तलाशी अभियान अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। सोमवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
घटना के बाद घाट पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। परिजन लंबे समय तक नदी किनारे बैठे अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी मिलने का इंतजार करते रहे। पूरे इलाके में गमगीन माहौल देखने को मिला।
युसूफ बीच पर भी हुई दूसरी घटना
उसी दिन एक अन्य हादसा मुनिकीरेती क्षेत्र के प्रतिबंधित युसूफ बीच पर हुआ। दिल्ली से आए छह लोगों के समूह का एक सदस्य गंगा में नहाते समय तेज धारा में बह गया।
जानकारी के अनुसार, 25 वर्षीय राहुल चौहान अपने साथियों के साथ नदी में उतरा था। कुछ ही देर में वह संतुलन खो बैठा और तेज बहाव में फंस गया। उसके साथी कुछ समझ पाते, उससे पहले वह आंखों से ओझल हो गया।
सूचना मिलने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा और तलाश शुरू की गई, लेकिन देर रात तक राहुल का भी कोई पता नहीं चल सका।
चेतावनियों के बावजूद बढ़ रहे हादसे
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में कई घाटों और नदी किनारे के हिस्सों को खतरनाक मानते हुए प्रतिबंधित घोषित किया गया है। इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं, लेकिन कई पर्यटक उन्हें नजरअंदाज कर पानी में उतर जाते हैं।
बचाव एजेंसियों का कहना है कि गंगा का बहाव कई स्थानों पर अचानक तेज हो जाता है, जिससे अनुभवी तैराक भी मुश्किल में पड़ सकते हैं। इसलिए केवल निर्धारित और सुरक्षित क्षेत्रों में ही स्नान करने की सलाह दी जाती है।
45 दिनों में कई जानें गईं
स्थानीय प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ महीने में ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में गंगा में डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें अधिकांश हादसे ऐसे स्थानों पर हुए हैं जहां स्नान या नदी में उतरने पर रोक लगी हुई थी।
पुलिस और एसडीआरएफ लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं, फिर भी लोग जोखिम उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा घटनाओं के बाद एक बार फिर पर्यटकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई है।