Pitch Controversy – खतरनाक पिच के कारण 25 गेंद बाद रोकना पड़ा वनडे
Pitch Controversy – कनाडा के किंग सिटी में खेला जा रहा कनाडा और नीदरलैंड के बीच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबला असामान्य परिस्थितियों में रद्द कर दिया गया। आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप लीग-2 के तहत आयोजित इस मैच को केवल 25 गेंदों के बाद रोकना पड़ा, क्योंकि मैच अधिकारियों ने पिच को खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त नहीं माना। यह टूर्नामेंट 2027 क्रिकेट विश्व कप क्वालीफिकेशन प्रक्रिया का हिस्सा है।

मैच रद्द होने के समय नीदरलैंड की टीम बल्लेबाजी कर रही थी और उसने 4.1 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 15 रन बनाए थे। शुरुआती ओवरों में ही पिच के असमान व्यवहार ने खिलाड़ियों और अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी, जिसके बाद खेल को आगे जारी नहीं रखा गया।
बल्लेबाजों को हुई परेशानी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी नीदरलैंड टीम को शुरुआत से ही मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। पिच से गेंद का उछाल एक जैसा नहीं मिल रहा था, जिससे बल्लेबाजों को गेंद की दिशा और ऊंचाई का अनुमान लगाने में दिक्कत हो रही थी। खेल के शुरुआती कुछ ओवरों के दौरान कई बार गेंद अप्रत्याशित रूप से उछली, जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए।
सलामी बल्लेबाज मैक्स ओ’डाउड बिना खाता खोले आउट हो गए थे। हालांकि मैच के नतीजे से ज्यादा चर्चा पिच की स्थिति को लेकर रही, जिसने अधिकारियों को बीच मैच में हस्तक्षेप करने के लिए मजबूर कर दिया।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहली बार नहीं है जब किंग सिटी के मैदान की पिच को लेकर चिंता जताई गई हो। कुछ दिन पहले इसी मैदान पर खेले गए एक अन्य एकदिवसीय मुकाबले के बाद भी आईसीसी ने पिच की गुणवत्ता पर आपत्ति दर्ज की थी। उस मैच के बाद पिच को निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं माना गया था।
मैच रेफरी ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया था कि सतह अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबले के लिए अपेक्षित गुणवत्ता पर खरी नहीं उतरी। इसी वजह से मैदान को डिमेरिट अंक भी दिए गए थे।
आईसीसी के नियम क्या कहते हैं
आईसीसी के पिच और आउटफील्ड मूल्यांकन नियमों के तहत यदि किसी पिच को “Unsatisfactory” श्रेणी में रखा जाता है, तो उस मैदान को एक डिमेरिट अंक दिया जाता है। वहीं यदि पिच को “Unfit” घोषित किया जाता है, तो तीन डिमेरिट अंक मिलते हैं।
ये अंक पांच वर्षों तक रिकॉर्ड में बने रहते हैं और उसी आधार पर किसी मैदान के भविष्य का मूल्यांकन किया जाता है। लगातार खराब रेटिंग मिलने पर किसी वेन्यू के लिए अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करना मुश्किल हो सकता है।
मैदान पर मंडरा रहा प्रतिबंध का खतरा
क्रिकेट प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, किंग सिटी के इस मैदान के खाते में पहले से कई डिमेरिट अंक मौजूद हैं। हालिया घटनाक्रम के बाद इस वेन्यू पर अतिरिक्त निगरानी की संभावना बढ़ गई है। यदि आने वाले समय में पिच की गुणवत्ता को लेकर फिर से नकारात्मक रिपोर्ट मिलती है, तो मैदान को अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी से अस्थायी रूप से वंचित किया जा सकता है।
आईसीसी के नियमों के अनुसार, छह डिमेरिट अंक पूरे होने पर किसी मैदान को 12 महीने तक अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से निलंबित किया जा सकता है। अधिक अंक जमा होने पर प्रतिबंध की अवधि और बढ़ सकती है।
आयोजकों के सामने बड़ी चुनौती
मैच रद्द होने की घटना ने आयोजकों और स्थानीय क्रिकेट प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। भविष्य में बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी बनाए रखने के लिए पिच की गुणवत्ता में सुधार करना आवश्यक माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तर की पिच तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होनी चाहिए।