Monsoon Arrival – मुंबई में देरी से पहुंचा मानसून, गर्मी से मिली राहत…
Monsoon Arrival – लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मुंबई में मानसून ने दस्तक दे दी है। पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मंगलवार की बारिश ने बड़ी राहत पहुंचाई। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून निर्धारित समय से करीब 13 दिन बाद मुंबई पहुंचा है। बारिश के साथ मौसम में बदलाव साफ दिखाई दिया और तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मानसून की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए अगले दो दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि बुधवार और गुरुवार को कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून अब महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में वर्षा की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
वर्षों बाद इतनी देरी से पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि 1951 के बाद मुंबई में मानसून के आगमन में यह सबसे अधिक देरी वाले वर्षों में शामिल है। इससे पहले कुछ वर्षों में मानसून 24 और 25 जून के आसपास पहुंचा था। इस बार भी मानसून का आगमन सामान्य तिथि से काफी बाद में हुआ, जिसके चलते शहरवासियों को लंबे समय तक गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ा।
शहर के विभिन्न इलाकों में हुई अच्छी बारिश
मंगलवार को मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की मात्रा में अंतर देखने को मिला। कोलाबा क्षेत्र में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि सांताक्रूज में भी अच्छी बारिश हुई। इसके अलावा कई आवासीय और व्यावसायिक इलाकों में दिनभर रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा।
स्वचालित वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, भायखला, सायन, बांद्रा, महालक्ष्मी और अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय वर्षा रिकॉर्ड की गई। कई जगहों पर सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति भी बनी, हालांकि कहीं से बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली।
उपनगरों में भी बरसे बादल
बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण मुंबई के कुछ इलाकों में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। नायर अस्पताल परिसर, लोअर परेल और परेल क्षेत्र में अच्छी बारिश देखने को मिली।
पश्चिमी उपनगरों में मलाड और मालवणी जैसे इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दिया। वहीं पूर्वी उपनगरों में मानखुर्द और पवई समेत कई क्षेत्रों में मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की गई। इससे जलाशयों और स्थानीय जलस्रोतों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
तापमान में आई गिरावट
मानसून की पहली प्रभावी बारिश के बाद शहर के तापमान में स्पष्ट कमी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य स्तर से नीचे चले गए हैं। इससे पिछले कई दिनों से बनी गर्मी और उमस की स्थिति में राहत मिली है।
सांताक्रूज और कोलाबा दोनों मौसम केंद्रों पर तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। विशेष रूप से कोलाबा में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली, जिससे समुद्री तटीय इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो गया।
आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मानसून की रफ्तार को देखते हुए महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में भी अच्छी वर्षा की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों ने नागरिकों को भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। फिलहाल मानसून की एंट्री ने मुंबईवासियों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है और शहर में मौसम पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है।