बिज़नेस

AviationStocks – कच्चे तेल में गिरावट से इंडिगो और स्पाइसजेट के शेयरों को मिली मजबूती

AviationStocks – कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज नरमी का असर भारतीय शेयर बाजार के विमानन क्षेत्र पर साफ दिखाई दिया। गुरुवार के कारोबार में इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट के शेयरों में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की लागत कम होने की संभावना से एयरलाइन कंपनियों के मुनाफे पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिसके चलते निवेशकों का रुझान इस सेक्टर की ओर बढ़ा है।

indigo spicejet oil price rally

ईंधन सस्ता होने से एयरलाइंस को मिला सहारा

विमानन कंपनियों के परिचालन खर्च में विमान ईंधन का हिस्सा सबसे अधिक होता है। ऐसे में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटते हैं, तो एयरलाइंस की लागत पर सीधा असर पड़ता है। इसी उम्मीद के बीच इंटरग्लोब एविएशन के शेयर कारोबार के दौरान करीब 4.5 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,444 रुपये के दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गए। वहीं स्पाइसजेट के शेयर भी लगभग 4.8 प्रतिशत चढ़कर 12.95 रुपये तक पहुंच गए।

कई महीनों के निचले स्तर पर पहुंचा ब्रेंट क्रूड

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 25 जून को 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गई, जो 28 फरवरी 2026 के बाद पहली बार देखने को मिला। अगस्त डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड वायदा में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 72.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसी तरह अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 1.6 प्रतिशत टूटकर 69 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। इससे एक दिन पहले भी दोनों प्रमुख बेंचमार्क में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी।

सप्लाई को लेकर चिंता कम होने से बना दबाव

बाजार विश्लेषकों के अनुसार तेल की कीमतों में आई गिरावट की बड़ी वजह वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंता का कम होना है। पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान की आशंका से कीमतों में तेज उछाल आया था, लेकिन अब हालात अपेक्षाकृत सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने भी संकेत दिया है कि इस मार्ग से तेल की आवाजाही लगभग युद्ध से पहले के स्तर तक पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में इस मार्ग से करीब 20 मिलियन बैरल तेल का परिवहन हुआ, हालांकि क्षेत्र में चल रहे कुछ तकनीकी कार्यों के कारण पूरी तरह सामान्य स्थिति बनने में अभी कुछ समय लग सकता है।

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित दायरे में बनी रहती हैं, तो विमानन कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन को इसका लाभ मिल सकता है। हालांकि, निवेशकों को वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं पर भी नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि पश्चिम एशिया में किसी भी नए तनाव का असर तेल बाजार और उससे जुड़े शेयरों पर तेजी से पड़ सकता है। ऐसे माहौल में निवेश से पहले बाजार की दिशा और अंतरराष्ट्रीय संकेतकों का आकलन करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Back to top button

Adblock Detected

Please remove AdBlocker first, and then watch everything easily.