UPPolitics – विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी मे हैं पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह
UPPolitics – उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे पूर्व विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वे किस विधानसभा क्षेत्र से या किस राजनीतिक दल के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। उनके इस बयान के बाद पूर्वांचल की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

चुनाव लड़ने का किया संकेत
वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान बृजेश सिंह ने कहा कि जनसेवा के लिए सक्रिय राजनीति जरूरी है और इसी सोच के साथ वह आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सीट और राजनीतिक दल को लेकर फिलहाल कोई जानकारी साझा नहीं की, लेकिन कहा कि समय आने पर इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
सहयोगी दल से चुनाव लड़ने की अटकलें
बृजेश सिंह के परिवार की भारतीय जनता पार्टी से निकटता को देखते हुए राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हैं। उनके भतीजे सुशील सिंह भाजपा के विधायक हैं। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बृजेश सिंह चुनाव लड़ते हैं तो वे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के किसी सहयोगी दल के प्रत्याशी के रूप में भी मैदान में उतर सकते हैं। इस संबंध में अभी तक किसी दल की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सामाजिक गतिविधियों में बढ़ी सक्रियता
हाल के महीनों में बृजेश सिंह वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय नजर आए हैं। विशेष रूप से जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों में उनकी भागीदारी चर्चा का विषय रही है। स्थानीय स्तर पर उनकी बढ़ती सक्रियता को भी आगामी चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
बेटे को लेकर चल रही चर्चाओं पर दिया जवाब
मीडिया से बातचीत के दौरान बृजेश सिंह ने अपने बेटे सिद्धार्थ के जौनपुर से चुनाव लड़ने की अटकलों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उनका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक जीवन के माध्यम से लोगों की सेवा करना है।
परिवार का रहा है राजनीतिक प्रभाव
बृजेश सिंह के परिवार का वाराणसी क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रहा है। उनके बड़े भाई उदयभान सिंह पहले वाराणसी से विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं। बाद में उनकी पत्नी अन्नपूर्णा सिंह भी इसी क्षेत्र से एमएलसी चुनी गईं। वर्ष 2016 में स्वयं बृजेश सिंह भी विधान परिषद पहुंचे, जबकि 2022 में अन्नपूर्णा सिंह ने दोबारा चुनाव जीता। वहीं, उनके भतीजे सुशील सिंह लगातार चंदौली जिले की सैयदराजा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं।
राजनीतिक और कानूनी पृष्ठभूमि भी रही चर्चा में
पूर्वांचल की राजनीति में बृजेश सिंह का नाम लंबे समय तक विभिन्न कानूनी मामलों और माफिया मुख्तार अंसारी के साथ चली प्रतिद्वंद्विता के कारण भी चर्चा में रहा। अतीत में उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हुए थे और वे लंबे समय तक जेल में भी रहे। बाद के वर्षों में विभिन्न मामलों में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और वर्ष 2022 में उनकी रिहाई हुई। अब उनके चुनाव लड़ने के संकेत ने प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों को नया आयाम दे दिया है।