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Cricket – आयरलैंड से टी20 सीरीज हार के बाद गौतम गंभीर के कार्यकाल पर बढ़े सवाल

Cricket – आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 की हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का कार्यकाल एक बार फिर चर्चा में है। जुलाई 2026 में उनके कोच बनने के दो वर्ष पूरे होने वाले हैं। इस दौरान टीम इंडिया को कई ऐसे परिणामों का सामना करना पड़ा है, जिन्हें भारतीय क्रिकेट के हालिया इतिहास में असामान्य माना जा रहा है। ताजा हार ने उनके नेतृत्व में टीम के प्रदर्शन को लेकर बहस और तेज कर दी है।

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आयरलैंड के खिलाफ हार बनी चर्चा का विषय

भारत मौजूदा समय में टी20 प्रारूप की मजबूत टीमों में गिना जाता है और लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने के साथ आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर भी रहा है। ऐसे में रैंकिंग में काफी नीचे मौजूद आयरलैंड के हाथों 0-2 से सीरीज गंवाना क्रिकेट जगत के लिए अप्रत्याशित परिणाम माना जा रहा है। यह पहली बार है जब भारत को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आयरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है।

घरेलू और विदेशी दौरों पर मिले निराशाजनक नतीजे

गौतम गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टीम को कई अहम श्रृंखलाओं में हार झेलनी पड़ी। घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार टेस्ट सीरीज गंवाना और 12 वर्षों बाद अपने घर में टेस्ट सीरीज हारना प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं। इसी दौरान भारत लगातार तीन घरेलू टेस्ट मैच भी हार गया, जो कई दशकों बाद देखने को मिला।

वनडे और टेस्ट में भी बने कई अवांछित रिकॉर्ड

श्रीलंका के खिलाफ 27 साल बाद द्विपक्षीय वनडे सीरीज हारना, एक कैलेंडर वर्ष में वनडे मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर पाना और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाना भी इसी कार्यकाल के दौरान हुआ। टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने में भी सफल नहीं रही, जबकि कई मैचों में बड़े लक्ष्य का बचाव करने और छोटे लक्ष्य का पीछा करने में भी असफल रही।

कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड प्रतिद्वंद्वी टीमों के नाम

इस अवधि में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड जैसी टीमों ने भारत के खिलाफ कई नए रिकॉर्ड भी बनाए। न्यूजीलैंड ने पहली बार भारतीय सरजमीं पर टेस्ट और वनडे सीरीज अपने नाम की, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने भारत में ऐतिहासिक रन चेज दर्ज किया। कुछ मुकाबलों में भारत को अपनी सबसे बड़ी हार का सामना भी करना पड़ा और घरेलू मैदान पर कई ऐसे रिकॉर्ड टूटे, जो वर्षों से कायम थे।

आगे की चुनौती पर रहेंगी निगाहें

लगातार मिले इन परिणामों के बाद टीम प्रबंधन और कोचिंग रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि किसी भी कोच का मूल्यांकन केवल रिकॉर्ड के आधार पर नहीं किया जाता, लेकिन बड़े टूर्नामेंटों और द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में टीम के प्रदर्शन पर लगातार नजर बनी रहती है। अब आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम किस तरह वापसी करती है, इस पर क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों की निगाहें टिकी रहेंगी।

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