Trafficking – सुपौल में किराये के मकान से बच्ची बरामद, मानव तस्करी के एंगल पर होगी जांच
Trafficking – बिहार के सुपौल जिले में एक किराये के मकान से नौ वर्षीय बच्ची के मिलने के बाद पुलिस ने मानव तस्करी समेत कई संभावित पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। कृष्णापुरी मोहल्ले में सामने आए इस मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बच्ची ने दावा किया है कि उसे लगभग एक वर्ष तक कमरे में बंद रखा गया और उसकी मां को कहीं ले जाकर बेच दिया गया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

बड़ी बहन के बाहर निकलने से सामने आया मामला
जानकारी के अनुसार, बच्ची की बड़ी बहन किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही। उसने एक स्थानीय दुकानदार का मोबाइल लेकर अपने परिजनों से संपर्क किया और मदद मांगी। सूचना मिलने पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और छोटी बच्ची के उसी मकान में होने की जानकारी पुलिस को दी। पिपरा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन घर बंद मिला। करीब दो घंटे बाद वहां रहने वाली महिला के लौटने पर पुलिस ने मकान खुलवाया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।
बच्ची के शरीर पर मिले चोट के निशान
पुलिस के अनुसार, बरामद बच्ची की आंख के नीचे और पीठ पर चोट के निशान पाए गए हैं। बच्ची ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उसे, उसकी मां और बड़ी बहन को इस मकान में लाया गया था। उसका कहना है कि कुछ दिनों बाद उसकी मां को कहीं ले जाया गया और वह फिर वापस नहीं लौटी। दूसरी ओर, मकान में रहने वाली महिला का दावा है कि बच्चियों की मां उन्हें उसके पास छोड़कर स्वयं चली गई थी। दोनों पक्षों के बयानों में अंतर मिलने के बाद पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
बच्चियों के पिता, जो पिपरा थाना क्षेत्र के कौशलीपट्टी गांव के निवासी हैं, ने बताया कि उनकी पत्नी और दोनों बेटियां जुलाई 2025 से लापता थीं। उनका आरोप है कि उस समय उन्होंने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को आवेदन दिया था, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि शुरुआती स्तर पर कार्रवाई होती तो परिवार को इतनी लंबी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
कई पहलुओं से जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी फैलते ही मोहल्ले में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस दंपति के यहां बच्ची मिली, उनके बारे में आसपास के लोगों को बहुत कम जानकारी थी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए महिला को सुरक्षित थाने पहुंचाया।
सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि दोनों बच्चियों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि लापता महिला की तलाश भी शुरू कर दी गई है। वहीं जिले के पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने कहा कि जांच मानव तस्करी, अपहरण और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।