DroneStrike – पाकिस्तान सीमा के भीतर तालिबान की कार्रवाई, और गहराया तनाव…
DroneStrike – अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव अब अधिक गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। हालिया घटनाक्रम में तालिबान प्रशासन ने दावा किया है कि उसकी वायु सेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्रों में मौजूद इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISIS-K) के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने भी अफगान सीमा के भीतर सैन्य अभियान चलाया था। दोनों देशों की सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

रक्षा मंत्रालय ने सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि वायु सेना ने सीमापार स्थित उन ठिकानों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अफगानिस्तान के भीतर हमलों और तोड़फोड़ की योजनाएं बनाने के लिए किया जा रहा था। अफगान समाचार एजेंसी टोलो न्यूज ने भी मंत्रालय के हवाले से इस अभियान की पुष्टि की है। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी योजना और सटीक जानकारी के आधार पर की गई ताकि केवल निर्धारित लक्ष्यों को ही निशाना बनाया जा सके।
आतंकियों को नुकसान पहुंचाने का दावा
तालिबान सरकार का कहना है कि इन हवाई हमलों में ISIS-K से जुड़े ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। आधिकारिक बयान में यह भी दावा किया गया कि अभियान के दौरान आम नागरिकों के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। रक्षा मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में अफगानिस्तान की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा पार से खतरा उत्पन्न होता है तो उसके विरुद्ध इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
हालिया पाकिस्तानी अभियान के बाद बढ़ा तनाव
विश्लेषकों का मानना है कि यह सैन्य कार्रवाई जून के अंत में पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान के भीतर किए गए हवाई हमलों के बाद सामने आई है। उन अभियानों को लेकर दोनों देशों के बीच पहले से ही तीखी बयानबाजी चल रही थी। अफगान पक्ष का आरोप था कि पाकिस्तानी हमलों में नागरिक आबादी प्रभावित हुई, जबकि पाकिस्तान का कहना था कि उसका निशाना केवल आतंकवादी ठिकाने थे। इसी पृष्ठभूमि में तालिबान की यह कार्रवाई दोनों देशों के रिश्तों में और अधिक तनाव का संकेत मानी जा रही है।
हताहतों को लेकर अलग-अलग दावे
संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (UNAMA) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक में कम से कम 28 अफगान नागरिकों की मौत हुई थी और 49 लोग घायल हुए थे। दूसरी ओर, अफगान सरकार के प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने इससे अधिक नुकसान होने का दावा करते हुए कहा था कि 38 लोगों की जान गई और 163 लोग घायल हुए, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की थी। वहीं पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने अपने अभियान में 29 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया था। दोनों देशों के अलग-अलग दावों के कारण वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ सकी है।
भारत ने जताई चिंता
पूरे घटनाक्रम पर भारत ने भी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है। भारत ने अपने बयान में यह भी कहा कि हिंसक घटनाएं दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती हैं और ऐसे मामलों का समाधान संयम तथा संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।