Education Reform – जंतर-मंतर प्रदर्शन को मिला कांग्रेस सांसद का समर्थन, 20 जुलाई मार्च में शामिल होने का ऐलान
Education Reform – जंतर-मंतर पर जारी छात्रों से जुड़े आंदोलन के बीच कांग्रेस सांसद प्रशांत पडोले ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई और कहा कि यदि 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च निकाला जाता है तो वह उसमें शामिल होंगे।

जंतर-मंतर पहुंचे सांसद, आंदोलनकारियों का बढ़ाया हौसला
भंडारा-गोंदिया से लोकसभा सदस्य प्रशांत पडोले ने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद युवाओं से बातचीत करते हुए कहा कि परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों और कथित अनियमितताओं ने लाखों छात्रों की उम्मीदों को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, बीते वर्षों में कई बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों के अधिकारों के लिए उठाई जा रही आवाज का वह समर्थन करते हैं।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग
सांसद ने कहा कि यदि किसी मंत्रालय के कार्यकाल में इतने गंभीर विवाद सामने आते हैं तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नैतिक जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए उन्हें देश का मूल्यवान नागरिक बताया।
आंदोलन और संसद मार्च की तैयारी
नीट-यूजी परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन का हिस्सा हैं और अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए हैं। संगठन ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकाला जाएगा, जिसमें विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
वांगचुक के स्वास्थ्य पर हाई कोर्ट करेगा सुनवाई
सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा। इससे पहले बार एसोसिएशन द्वारा कार्य बहिष्कार के कारण संबंधित सरकारी पक्ष अदालत में उपस्थित नहीं हो सका, जिसके चलते सुनवाई एक दिन के लिए टाल दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे शीघ्र सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अदालत ने आदेश की प्रति अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और दिल्ली सरकार के अधिवक्ता को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जनहित याचिका में क्या कहा गया
याचिकाकर्ता राकेश कुमार सैनी ने अदालत से आग्रह किया है कि संबंधित प्राधिकारियों को सोनम वांगचुक से संवाद स्थापित करने और उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि उनकी चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। याचिकाकर्ता का कहना है कि लंबे समय तक जारी अनशन को देखते हुए मामले में समय रहते हस्तक्षेप किया जाना सार्वजनिक हित में आवश्यक है।