UTUPaperLeak – उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुए प्रोफेसर
UTUPaperLeak- उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। देहरादून पुलिस ने इस प्रकरण में एक निजी कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का निवासी है और देहरादून के झाझरा स्थित एक निजी संस्थान में कार्यरत था। विश्वविद्यालय पहले ही उसके खिलाफ सात वर्ष का प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई कर चुका है। इस बीच मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।

कांग्रेस ने उठाई एसआईटी जांच की मांग
पेपर लीक प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग के साथ शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की भी मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरे मामले की गहराई से जांच जरूरी है।
दो विषयों की परीक्षाएं दोबारा होंगी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दो विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इनमें ‘Machine Learning for Internet of Things’ और ‘Electromagnetic Field Theory’ शामिल हैं। कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि इन दोनों विषयों की नई परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि 8 जुलाई को आयोजित परीक्षा से पहले एक गोपनीय शिकायत मिली थी। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में आरोप लगा कि असिस्टेंट प्रोफेसर ने 3 जुलाई को पोर्टल और एक WhatsApp समूह के माध्यम से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न छात्रों तक पहुंचाए थे। बाद में इन प्रश्नों का परीक्षा में पूछे गए प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल पाया गया।
साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान गवाहों के बयान, दस्तावेजी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं।
जांच जारी, आगे भी हो सकती है कार्रवाई
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन दोनों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय ने दोहराया है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाएंगे, जबकि पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।