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Meditation – जानें क्यों ध्यान के दौरान आंखें बंद करते ही महसूस होती है घबराहट…

Meditation– मानसिक शांति, तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने के लिए ध्यान को प्रभावी अभ्यास माना जाता है। नियमित मेडिटेशन से भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, कई लोग जब पहली बार या शुरुआती दिनों में ध्यान करने के लिए आंखें बंद करते हैं, तो उन्हें अचानक बेचैनी, घबराहट या असहजता महसूस होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अनुभव असामान्य नहीं है और इसके पीछे कुछ मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं।

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आंखें बंद करने पर क्यों बढ़ जाती है बेचैनी?

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आंखें बंद होने के बाद बाहरी वातावरण से मिलने वाले दृश्य संकेत अचानक कम हो जाते हैं। ऐसे में कुछ लोगों का मस्तिष्क खुद को पहले की तुलना में कम सुरक्षित महसूस कर सकता है। इसी कारण कुछ व्यक्तियों में घबराहट, असुरक्षा या बेचैनी जैसी भावनाएं उभर सकती हैं। विशेष रूप से जिन लोगों को पहले से तनाव या चिंता की समस्या रही हो, उनके लिए यह अनुभव अधिक स्पष्ट हो सकता है।

मन की गतिविधियां भी बन सकती हैं वजह

जब व्यक्ति शांत वातावरण में बैठता है, तो उसका ध्यान उन विचारों और भावनाओं की ओर जाने लगता है जो दिनभर की व्यस्तता में दबे रहते हैं। कई बार पुराने अनुभव, चिंता या नकारात्मक यादें भी सामने आने लगती हैं। कुछ लोगों को यह महसूस होता है कि वे अपने ऊपर नियंत्रण खो रहे हैं, जबकि अंधेरे या पूरी खामोशी में मस्तिष्क कल्पनाएं भी पैदा कर सकता है। यही कारण है कि शुरुआती चरण में मेडिटेशन हर किसी के लिए सहज अनुभव नहीं होता।

असहजता कम करने के लिए अपनाए जा सकते हैं ये उपाय

यदि आंखें बंद करते ही घबराहट महसूस होती है, तो खुद पर दबाव डालने की जरूरत नहीं है। शुरुआत में आंखों को पूरी तरह बंद करने के बजाय हल्का खुला रखकर सामने किसी स्थिर बिंदु पर नजर टिकाई जा सकती है। इसके अलावा शुरुआती दिनों में केवल 30 सेकंड से एक मिनट तक ही ध्यान करने का अभ्यास करना भी उपयोगी हो सकता है। धीरे-धीरे समय बढ़ाने से मन इस प्रक्रिया के अनुकूल होने लगता है।

सुरक्षित माहौल और सांसों पर ध्यान देना हो सकता है सहायक

मेडिटेशन हमेशा ऐसी जगह करना बेहतर माना जाता है जहां व्यक्ति खुद को सहज और सुरक्षित महसूस करे। अभ्यास के दौरान अपने पैरों का जमीन से संपर्क, शरीर की स्थिति या सांसों के आने-जाने पर ध्यान केंद्रित करने से मन स्थिर रखने में मदद मिल सकती है। यदि किसी भी समय बेचैनी बढ़ने लगे, तो आंखें खोलकर सामान्य सांस लें और कुछ देर आराम करें। लगातार परेशानी होने पर प्रशिक्षित मेडिटेशन विशेषज्ञ या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।

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