NaxalSurrender – झारखंड में 16 माओवादी कैडरों ने छोड़ी हिंसा की राह, पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण
NaxalSurrender- झारखंड में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों के बीच मंगलवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाकपा (माओवादी) से जुड़े 16 सदस्यों ने औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई “ऑपरेशन नवजीवन” के तहत हुई, जिसका उद्देश्य उग्रवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के इच्छुक लोगों को अवसर देना है।

चाईबासा क्षेत्र में सीमित रह गई माओवादी मौजूदगी
पुलिस मुख्यालय में जानकारी देते हुए आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा इलाके में सुरक्षा बलों का अभियान लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा के साथ केवल दो सक्रिय सदस्य बचे हैं। वहीं सालूका कायम के समूह में भी दो ही कैडर शेष बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार क्षेत्र में सक्रिय माओवादियों की संख्या अब काफी कम हो चुकी है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। देर रात तक मिली जानकारी के अनुसार मिसिर बेसरा और उसके साथियों की गिरफ्तारी की भी सूचना सामने आई, जिससे क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क और कमजोर होने की संभावना जताई गई।
कई इनामी माओवादी भी आत्मसमर्पण करने वालों में शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में 15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमेटी सदस्य संतोष उर्फ वासुदेव दा का नाम प्रमुख रहा। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न थानों में 128 मामले दर्ज हैं। उसने एक इंसास राइफल, पांच मैगजीन और 136 कारतूस पुलिस को सौंपे। इसके अलावा 10 लाख रुपये के इनामी जोनल कमांडर चंदन लोहरा, जोनल कमांडर संतोष मांझी और जयकांत मुंडा ने भी हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया, जिनमें एक एके-47 राइफल भी शामिल है।
अन्य सदस्यों ने भी छोड़ा उग्रवाद का रास्ता
पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने वालों में सबजोनल कमांडर राजनाथ हांसदा, अनिल तुरी, सुखलाल बिरंजिया, सुदेश होनहागा, एतवारी मांझी उर्फ सुनोतो, देवान मुर्मू, सुमित्रा सुरीन, चंपा मंझियाइन, रिसिव, सालमी मुंडा, मुन्नी सुरीन और सीता मुंडा भी शामिल रहे। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
छत्तीसगढ़ में सक्रिय कैडरों ने भी किया आत्मसमर्पण
पुलिस ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सारंडा क्षेत्र में सक्रिय रहे कुछ माओवादी सदस्यों ने भी हथियार छोड़ने का निर्णय लिया। इनमें जोनल कमांडर अश्विन, सबजोनल कमांडर सोहन पुनेम, राहत मांडवी, एरिया कमांडर रीता उर्फ सावित्री, अनुषा कुंजम, रजनी मकदम, दस्ता सदस्य सुबनी मुंडा और जिलानी उर्फ सालमी चांपिया के नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने इसे सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और पुनर्वास नीति का सकारात्मक परिणाम बताया।
सुरक्षा अभियानों से बदली क्षेत्र की स्थिति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार एक वर्ष पहले तक सारंडा और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक सशस्त्र माओवादी सक्रिय थे। चाईबासा के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि 21 मई को भी 27 माओवादी संगठन छोड़कर मुख्यधारा में लौटे थे। इस वर्ष अब तक राज्य में 93 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, 45 ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 22 माओवादी सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में मारे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगातार चल रहे अभियानों और आत्मसमर्पण नीति के कारण प्रभावित क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।