VaibhavSuryavanshi – रोबिन उथप्पा ने युवा बल्लेबाज की तकनीक की ब्रैडमैन से की तुलना
VaibhavSuryavanshi – युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने हाल के महीनों में अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे दौरे में शानदार वापसी की। इस श्रृंखला में उन्होंने एक मुकाबले में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार जीता, जबकि पूरे टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली बल्लेबाजी के दम पर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ भी चुने गए। उनके प्रदर्शन को लेकर अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर रोबिन उथप्पा ने भी अपनी राय साझा की है।

उथप्पा ने तकनीक की जमकर सराहना
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान रोबिन उथप्पा ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी के भविष्य को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उनका मानना है कि विरोधी गेंदबाजों ने अभी तक उनकी बल्लेबाजी का पूरी तरह अध्ययन नहीं किया है और समय के साथ उन्हें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। हालांकि उथप्पा ने यह भी कहा कि वैभव की बल्लेबाजी की तकनीक उन्हें महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन की याद दिलाती है।
ब्रैडमैन से तुलना पर दी संतुलित राय
उथप्पा ने स्पष्ट किया कि किसी युवा खिलाड़ी की तुलना क्रिकेट इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में शामिल डॉन ब्रैडमैन से करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह तुलना उपलब्धियों के आधार पर नहीं, बल्कि बल्लेबाजी की तकनीकी समानताओं को देखते हुए की जा रही है। उनके अनुसार, वैभव का फुटवर्क और गेंद की लाइन को समझने का तरीका ऐसा है कि उनके खिलाफ एलबीडब्ल्यू की संभावना काफी कम दिखाई देती है, जो ब्रैडमैन की बल्लेबाजी की भी एक प्रमुख विशेषता मानी जाती थी।
शानदार रिकॉर्ड के लिए जाने जाते हैं ब्रैडमैन
सर डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट क्रिकेट रिकॉर्ड आज भी विश्व क्रिकेट में मिसाल माना जाता है। उन्होंने 52 टेस्ट मैचों में 6,996 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 99.94 रहा, जिसे अब तक कोई बल्लेबाज पार नहीं कर सका है। उनके नाम 29 शतक, 13 अर्धशतक, 12 दोहरे शतक और तीन तिहरे शतक दर्ज हैं। यही वजह है कि किसी भी युवा बल्लेबाज की उनसे तुलना अपने आप में बड़ी चर्चा का विषय बन जाती है।
वैभव के लिए रखी यथार्थवादी उम्मीद
रोबिन उथप्पा का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि यदि युवा बल्लेबाज भविष्य में इसी अंदाज के साथ 40 या उससे अधिक का बल्लेबाजी औसत बनाए रखने में सफल रहते हैं, तो यह अपने आप में असाधारण उपलब्धि होगी। उनके अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में तेज स्ट्राइक रेट के साथ लगातार रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए बड़ी चुनौती है।
ब्रैडमैन के रिकॉर्ड पर भी जताई दिलचस्प राय
उथप्पा ने बातचीत के दौरान सर डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह हमेशा चर्चा का विषय रहेगा कि यदि द्वितीय विश्व युद्ध के कारण ब्रैडमैन के करियर पर असर नहीं पड़ा होता और उन्हें लगभग 30 अतिरिक्त टेस्ट खेलने का अवसर मिलता, तो क्या उनका औसत 100 के करीब या उससे ऊपर बना रहता। उनके मुताबिक, यह क्रिकेट इतिहास का ऐसा सवाल है जिसका निश्चित जवाब कभी नहीं मिल पाएगा, लेकिन इस पर चर्चा हमेशा होती रहेगी