Parliament – लगातार हंगामे के बीच लोकसभा में फिर नहीं चल सका प्रश्नकाल
Parliament– संसद के मॉनसून सत्र में लोकसभा की कार्यवाही लगातार बाधित होती दिखाई दे रही है। सत्र का पहला सप्ताह समाप्ति की ओर है, लेकिन अब तक एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल पूरे समय तक संचालित नहीं हो सके हैं। सदन की शुरुआत होते ही विपक्ष के विरोध के कारण कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ रही है। इस बीच सरकार ने व्यवधान के बावजूद विधायी कार्य जारी रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दिला दी है।

आठवें दिन भी प्रश्नकाल नहीं हो सका
गुरुवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल निर्धारित समय पर नहीं चल सका और कुछ ही देर बाद सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। मौजूदा सत्र में यह लगातार आठवां अवसर रहा, जब प्रश्नकाल सामान्य रूप से संचालित नहीं हो पाया।
विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर उठाई आवाज
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। इसके बाद उन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर अड़े रहे। कांग्रेस के सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण से जुड़े घटनाक्रम का मुद्दा उठाया। साथ ही कुछ सदस्य छात्रों से जुड़े मामले पर गृह मंत्री से बयान देने की मांग करते भी नजर आए। अध्यक्ष ने सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की।
सरकार ने विधायी कामकाज जारी रखा
संसद में जारी गतिरोध के बावजूद सरकार ने विधायी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। बीते दो दिनों के दौरान लोकसभा ने दो विधेयकों को मंजूरी दी है। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यदि विपक्ष का विरोध इसी तरह जारी रहता है तो अगले सप्ताह भी आवश्यक विधायी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाए जाएंगे, ताकि लंबित विधेयकों पर निर्णय लिया जा सके।
कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों पर बन सकती है चुनौती
संसदीय सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ प्रस्तावित विधेयकों पर सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद बढ़ सकते हैं। इनमें Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) से संबंधित प्रस्ताव भी शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा यदि सदन में लगातार व्यवधान बना रहता है तो संविधान संशोधन से जुड़े विधेयकों को पेश करने के कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को लेकर भी फिलहाल कोई अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। माना जा रहा है कि सरकार ऐसे विधेयक तभी पेश करेगी, जब उन्हें पारित कराने को लेकर पर्याप्त समर्थन सुनिश्चित हो जाएगा।
राष्ट्रपति से मिले प्रधानमंत्री
संसदीय गतिविधियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालांकि माना जा रहा है कि हाल में राष्ट्रपति की विदेश यात्रा और संसद में पारित महत्वपूर्ण विधेयकों सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई होगी। राष्ट्रपति भवन ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा की हैं।