Entertainment – आर्थिक संकट के दौर में सुष्मिता मुखर्जी ने साझा किया संघर्ष का दर्द
Entertainment– अभिनेत्री सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर के उस मुश्किल दौर को याद किया है, जब आर्थिक संकट ने उनके परिवार को गहरे दबाव में ला दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में बताया कि हालात इतने कठिन हो गए थे कि परिवार पर चढ़े भारी कर्ज को उतारने के लिए उन्हें ऐसे फिल्मी प्रोजेक्ट भी स्वीकार करने पड़े, जिन्हें वह अपनी पसंद से कभी नहीं चुनतीं।

फैन के सवाल ने ताजा कर दी पुरानी यादें
सुष्मिता ने बताया कि हाल ही में एक प्रशंसक ने उनसे पूछा कि उन्होंने अपने करियर में कुछ कमजोर स्तर की फिल्मों में काम क्यों किया। इस सवाल ने उन्हें वर्षों पुरानी परिस्थितियों की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने अभिनय सफर में कई अच्छी फिल्मों का भी हिस्सा बनीं, लेकिन कठिन समय में कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े जो उनकी पहली पसंद नहीं थे। उनके मुताबिक, वे निर्णय परिस्थितियों की मजबूरी थे, न कि उनकी इच्छा।
प्रोडक्शन हाउस बंद होने से बढ़ीं मुश्किलें
अभिनेत्री के अनुसार वर्ष 2002 में उन्होंने और उनके पति ने मिलकर शुरू की गई मीडिया कंपनी ‘प्रयास प्रोडक्शन’ आर्थिक कारणों से बंद हो गई थी। कंपनी बंद होने के बाद परिवार पर करीब एक करोड़ रुपये का कर्ज हो गया। उन्होंने बताया कि उस समय कर्ज वसूलने वाले लगातार घर तक पहुंचते थे और परिवार पर मानसिक दबाव भी काफी बढ़ गया था। उस दौर में उनके बच्चे भी छोटे थे, इसलिए परिवार की जिम्मेदारियां और अधिक बढ़ गई थीं।
परिवार की जिम्मेदारियों ने कराया लगातार काम
सुष्मिता ने कहा कि उन्होंने और उनके पति ने कई वर्षों तक बिना रुके अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम किया ताकि आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके। उनका उद्देश्य केवल कर्ज चुकाना ही नहीं था, बल्कि बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित करना था। उन्होंने बताया कि वह अपनी बेटी को विदेश में उच्च शिक्षा दिलाना चाहती थीं, जिसके लिए अतिरिक्त आर्थिक संसाधनों की जरूरत थी। इसी वजह से उन्हें मिलने वाले अधिकांश काम स्वीकार करने पड़े, चाहे उनकी गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक रही हो या नहीं।
कठिन फैसलों पर आज भी नहीं है अफसोस
अभिनेत्री का कहना है कि उन दिनों किए गए कुछ प्रोजेक्ट्स से उन्हें व्यक्तिगत संतुष्टि नहीं मिली, लेकिन अपने फैसलों पर उन्हें पछतावा भी नहीं है। उनके अनुसार, परिवार की सुरक्षा, बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई बार व्यक्ति को ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं जो परिस्थितियों की मांग होते हैं। उनका मानना है कि हर इंसान के काम करने के पीछे अपनी अलग वजह होती है और बाहरी दुनिया हमेशा उन हालात को नहीं समझ पाती।
अब केवल पसंद और सम्मान के साथ करती हैं काम
सुष्मिता मुखर्जी ने बताया कि आज उनकी प्राथमिकताएं बदल चुकी हैं। अब वह केवल वही प्रोजेक्ट स्वीकार करती हैं जो उन्हें रचनात्मक संतुष्टि और सम्मान का अनुभव कराते हैं। उन्होंने कहा कि अभिनय की दुनिया में हर कलाकार को हमेशा अपनी पसंद के अवसर नहीं मिलते, लेकिन जब हालात सामान्य हो जाएं तो अपने सिद्धांतों के अनुसार काम करने का अवसर मिलना सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।