Avengers Doomsday – जानिए क्या है पत्थर जैसे सुपरहीरो की कहानी…
Avengers Doomsday को लेकर मार्वल प्रशंसकों के बीच उत्सुकता लगातार बनी हुई है। फिल्म 18 दिसंबर को रिलीज होने वाली है और इसका ट्रेलर सामने आने के बाद कहानी से जुड़े कई सवाल भी उठने लगे हैं। ट्रेलर में कई जाने-पहचाने सुपरहीरोज एक साथ दिखाई दे रहे हैं, वहीं उनके सामने एक बड़ी चुनौती के तौर पर खलनायक मौजूद है। इसी बीच पत्थर जैसे शरीर वाला एक किरदार भी नजर आया, जिसे देखकर मार्वल की कहानियों से लगातार जुड़े नहीं रहने वाले दर्शकों के मन में उसकी पहचान को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। यह किरदार फैंटास्टिक फोर का सदस्य बेन ग्रिम है, जिसे दुनिया ‘द थिंग’ के नाम से जानती है।

बेन ग्रिम कैसे बना ‘द थिंग’
बेन ग्रिम की कहानी फैंटास्टिक फोर की उत्पत्ति से जुड़ी हुई है। वह एक कुशल अंतरिक्ष यात्री और रीड रिचर्ड्स यानी मिस्टर फैंटास्टिक का करीबी दोस्त है। एक अंतरिक्ष मिशन के दौरान हुई घटना ने उसकी पूरी जिंदगी बदल दी। मिशन के दौरान उनके अंतरिक्ष यान को कॉस्मिक रेडिएशन का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद बेन के शरीर में बड़ा बदलाव आया और उसकी त्वचा तथा शरीर चट्टान जैसी कठोर संरचना में बदल गए।
इसी परिवर्तन के बाद बेन को ‘द थिंग’ के नाम से पहचाना जाने लगा। बाहर से उसका रूप बेहद कठोर और डरावना दिखाई देता है, लेकिन उसके किरदार की कहानी सिर्फ ताकत तक सीमित नहीं है। अपने बदले हुए शरीर के कारण उसे उस पुराने सामान्य जीवन की कमी भी महसूस होती है, जो उसके पास कभी हुआ करता था। यही भावनात्मक पहलू द थिंग को सिर्फ एक ताकतवर सुपरहीरो के बजाय एक जटिल किरदार बनाता है।
असाधारण ताकत है उसकी सबसे बड़ी शक्ति
द थिंग की सबसे खास पहचान उसकी शारीरिक ताकत है। चट्टान जैसी संरचना वाले उसके शरीर की वजह से वह बेहद भारी चीजों को उठाने और शक्तिशाली हमलों का सामना करने में सक्षम है। उसकी शारीरिक मजबूती उसे आम इंसानों से कई गुना ज्यादा शक्तिशाली बनाती है और युद्ध के दौरान वह सामने वाले के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
उसके शरीर की कठोरता उसे कई तरह के हमलों से बचने में भी मदद करती है। हालांकि, उसकी शक्तियों का एक भावनात्मक पहलू भी है। बेन अपने पुराने मानव रूप में वापस लौटने की इच्छा से जूझता रहा है। इस वजह से उसका किरदार मार्वल की दुनिया में केवल एक ताकतवर योद्धा नहीं, बल्कि अपनी पहचान और बदली हुई जिंदगी को स्वीकार करने वाला व्यक्ति भी है।
‘डूम्सडे’ में क्यों अहम है द थिंग
फैंटास्टिक फोर की टीम की पृष्ठभूमि मुख्य मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स से अलग दिखाई गई है। यह टीम 1960 के दशक की रेट्रो-फ्यूचरिस्टिक दुनिया से आती है। ऐसे में उनकी कहानी का दूसरे सुपरहीरोज के साथ जुड़ना फिल्म के बड़े घटनाक्रम का हिस्सा बन सकता है।
ट्रेलर में द थिंग को थॉर और बकी जैसे किरदारों के साथ देखे जाने के बाद प्रशंसकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है। फिल्म में अलग-अलग किरदारों और ब्रह्मांडों के बीच किस तरह संबंध स्थापित किया जाएगा, यह कहानी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल द थिंग की मौजूदगी यह संकेत जरूर देती है कि फैंटास्टिक फोर की भूमिका फिल्म में महत्वपूर्ण हो सकती है।
डॉक्टर डूम से पुराना टकराव भी खास
द थिंग और डॉक्टर डूम के बीच संबंध भी इस कहानी को खास बनाता है। फैंटास्टिक फोर की दुनिया में डॉक्टर डूम पहले से ही टीम के प्रमुख विरोधियों में शामिल रहा है। इसलिए अगर फिल्म में दोनों किरदार आमने-सामने आते हैं, तो यह टकराव सिर्फ सुपरहीरो और खलनायक की सामान्य लड़ाई नहीं होगी।
फिल्म की कहानी में पुराने रिश्तों और व्यक्तिगत संघर्षों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता है, यह देखने वाली बात होगी। प्रशंसक इसे ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ जैसी बड़ी टीम भिड़ंत से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन द थिंग और डॉक्टर डूम की वास्तविक भूमिका फिल्म रिलीज होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी।
मार्वल की बड़ी टीम में नई भूमिका
द थिंग का ‘एवेंजर्स डूम्सडे’ में शामिल होना फैंटास्टिक फोर और दूसरे मार्वल किरदारों के बीच संभावित जुड़ाव को महत्वपूर्ण बनाता है। उसका विशाल शरीर, असाधारण ताकत और डॉक्टर डूम के साथ पुराना संघर्ष कहानी को एक अलग आयाम दे सकता है। हालांकि ट्रेलर से आगे की कहानी के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल इतना साफ है कि पत्थर जैसे दिखने वाला यह किरदार कोई नया रहस्यमय सुपरहीरो नहीं, बल्कि बेन ग्रिम यानी द थिंग है। फैंटास्टिक फोर की कहानी में उसकी अहम भूमिका रही है और अब मार्वल की इस बड़ी फिल्म में उसकी मौजूदगी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता काफी बढ़ गई है।