Jharkhand Government: बजट में ‘मंईयां’ की धूम! झारखंड सरकार ने रखा 7721 करोड़ का अनुपूरक खाका
Jharkhand Government: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन, सोमवार को, राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ₹7,721.25 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इस Supplementary बजट का उद्देश्य मौजूदा वित्तीय वर्ष की उन अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना है जो मुख्य बजट में शामिल नहीं हो पाई थीं। यह भारी भरकम राशि यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में चल रही महत्वपूर्ण योजनाएं और अधूरी विकास परियोजनाएं धन की कमी के कारण न रुकें। इस कदम को राज्य सरकार की ओर से एक वित्तीय सुदृढ़ीकरण के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि जन-कल्याण के कार्यों को गति दी जा सके।

महिला सशक्तिकरण Priority: सबसे अधिक Allocation सामाजिक सुरक्षा को
इस अनुपूरक बजट का केंद्रबिंदु स्पष्ट रूप से सामाजिक सुरक्षा और महिला कल्याण है। बजट में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए सबसे अधिक राशि, ₹2,082.25 करोड़, आवंटित की गई है। यह Funding इस बात का प्रमाण है कि सरकार समाज के कमजोर वर्गों और महिलाओं के उत्थान को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है। इस राशि का एक बड़ा हिस्सा राज्य की दो प्रमुख जन-कल्याणकारी योजनाओं, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान और सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्ध योजना, के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा, गरीबी उन्मूलन और अन्य सामाजिक सुरक्षा Schemes को भी इस वित्तीय बूस्टर से लाभ मिलेगा।
विकास की Drive: बुनियादी Infrastructure को मिली नई ताकत
अनुपूरक बजट में केवल सामाजिक कल्याण ही नहीं, बल्कि राज्य के बुनियादी ढाँचे और आधारभूत संरचना को भी पर्याप्त बल मिला है। ग्रामीण कार्य विभाग को ₹1,324.82 करोड़ और गृह, आपदा प्रबंधन विभाग को ₹970.12 करोड़ की बड़ी राशि आवंटित की गई है। Infrastructure पर इतना बड़ा निवेश यह दर्शाता है कि सरकार ग्रामीण सड़कों के निर्माण और आपदा प्रबंधन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके अलावा, स्वास्थ्य और स्कूली शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को क्रमशः ₹729.75 करोड़ और ₹339.6 करोड़ मिले हैं, जो राज्य में Public सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
| विभाग | आवंटित राशि (करोड़ रुपये में) | Keyword Focus |
| महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा | 2082.25 | Welfare |
| ग्रामीण कार्य | 1324.82 | Rural |
| गृह, आपदा प्रबंधन | 970.12 | Security |
| स्वास्थ्य | 729.75 | Health |
| वन व पर्यावरण | 500.55 | Environment |
| स्कूली शिक्षा | 339.6 | Education |
ऊर्जा, नगर Development और अन्य: Sector को मिला सहारा
अनुपूरक बजट ने केवल शीर्ष विभागों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया है, बल्कि ऊर्जा और नगर विकास जैसे आवश्यक क्षेत्रों को भी मजबूत किया है। Energy विभाग को ₹303.23 करोड़ दिए गए हैं, जो राज्य में बिजली आपूर्ति और वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक होंगे। वहीं, नगर विकास को ₹285.41 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जिसका उपयोग शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और साफ-सफाई को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन (₹216.53 करोड़) और कल्याण (₹149.48 करोड़) विभागों को भी महत्वपूर्ण राशि मिली है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि Governance का लाभ राज्य के हर कोने तक पहुंचे।
Debate का एजेंडा: आज होगी Law and Order पर विशेष चर्चा
शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन, मंगलवार को, द्वितीय अनुपूरक बजट पर सदन में महत्वपूर्ण बहस होनी है। स्पीकर रबींद्र नाथ महतो की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बहस का समय दो घंटे से बढ़ाकर तीन घंटे कर दिया जाएगा, जिसे सदन की सहमति भी मिल गई है। सत्र की इस अवधि विस्तार का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था (Law and Order) के संवेदनशील मुद्दे पर अतिरिक्त एक घंटे की विशेष चर्चा करना है। इससे विपक्षी दलों को सरकार से जवाबदेही मांगने और राज्य की आंतरिक सुरक्षा पर अपनी चिंताएं व्यक्त करने का पर्याप्त Forum मिलेगा। सत्र 5 से 11 दिसंबर तक आहूत है, जिसमें राजकीय विधेयक और गैर-सरकारी संकल्पों पर भी चर्चा की जाएगी।



