Jharkhand Terrorism Alert: झारखंड की सुरक्षा पर खड़ा हुआ बड़ा सवाल, मरांडी ने किया सीधा हमला
Jharkhand Terrorism Alert: राजधानी दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार धमाके के बाद से पूरे देश में सुरक्षा इंतजामों को लेकर अलर्ट बढ़ा दिया गया है (Jharkhand-terrorism-alert)। इस घटनाक्रम के बाद राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। झारखंड में भी सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का सदन में बयान
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पहले ही कमजोर है और अब आतंकवादी गतिविधियों के लिए यह जगह गढ़ बनती जा रही है (Jharkhand-terrorism-threat)। उन्होंने सरकार और प्रशासन की सुस्ती पर हमला करते हुए सदन में यह मुद्दा उठाया कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां हैं।
अलकायदा से जुड़े आतंकियों की गिरफ्तारी
मरांडी ने सदन में बताया कि पिछले 4-5 वर्षों में झारखंड से लगभग 10-11 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया, जिनका संबंध अलकायदा इन इंडिया सब-कॉन्टिनेंट जैसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संस्थाओं से था (terrorism-arrest-jharkhand)। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ये गिरफ्तारी केंद्र और अन्य एजेंसियों ने की, राज्य सरकार की एसटीएफ और पुलिस प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
सरकार और प्रशासन की सुस्ती पर निशाना
नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि राज्य की एसटीएफ और पुलिस प्रशासन इस मामले में पूरी तरह निष्क्रिय हैं (Jharkhand-police-inaction)। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार आगाह करने के बावजूद सत्ता पक्ष ने अब तक आतंकवादियों की गतिविधियों को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
सोशल मीडिया पर बयान शेयर
बाबूलाल मरांडी ने सदन में दिए अपने वक्तव्य का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि झारखंड वर्तमान सरकार के लचर रवैये के कारण आतंकवादियों के लिए सुरक्षित गढ़ बन गया है (terrorism-watch-jharkhand)। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में दर्ज गिरफ्तारी के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस उपाय नहीं किए।
NIA की छापेमारी ने साबित किया स्थिति गंभीर
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि उनके सदन में उठाए गए मुद्दे के बाद NIA की छापेमारी ने स्पष्ट कर दिया कि झारखंड आतंकवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन चुका है (Jharkhand-NIA-raid)。 यह कदम यह दर्शाता है कि राज्य में आतंकवादी नेटवर्क सक्रिय हैं और इसकी रोकथाम जरूरी है।
सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल
मरांडी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार के सुरक्षा बल लगातार निष्क्रिय रहे हैं (Jharkhand-security-alert)। केंद्र सरकार और अन्य एजेंसियों ने कार्रवाई की, लेकिन राज्य की पुलिस ने आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखने में कोई गंभीर प्रयास नहीं किया।
झारखंड में आतंकवाद रोकने की जरूरत
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो झारखंड आतंकवादियों के लिए आसान ठिकाना बन सकता है (terrorism-prevention-jharkhand)। उन्होंने सरकार से मांग की कि पुलिस और एसटीएफ को सक्रिय करके आतंकवादी गतिविधियों पर तत्काल नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए।
सदन में उठाया गया गंभीर मुद्दा
सदन में बाबूलाल मरांडी ने जोर देकर कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों की सुस्ती के कारण आतंकवादियों के लिए अवसर बढ़ रहे हैं (Jharkhand-terrorism-concern)। उनके अनुसार, राज्य को ऐसे अलर्ट और मजबूत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है ताकि झारखंड आतंकवादी गतिविधियों का गढ़ न बने।



